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राजस्थान से आयरलैंड तक का सफर: डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड कर छा गए जय मूंदड़ा

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Belfast: भारतीय मूल के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने आयरलैंड के लिए अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को यादगार बना दिया। राजस्थान के टोंक से ताल्लुक रखने वाले 29 वर्षीय लेफ्ट आर्म पेसर ने भारत के खिलाफ अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन को बोल्ड कर सभी को चौंका दिया। जय ने मैच में 4 ओवर में 25 रन देकर 2 विकेट लिए और आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।भारत की पारी का दूसरा ओवर लेकर आए जय मूंदड़ा ने 139 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ऑफ स्टंप के बाहर गेंद फेंकी।

संजू सैमसन ने ऑफ साइड में शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर सीधे स्टंप्स से जा टकराई। इस तरह जय को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली ही गेंद पर पहला विकेट मिला।इसके बाद उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे शिवम दुबे को भी अपना शिकार बनाया। शिवम का शॉट गेंदबाज के हाथों में ही चला गया और जय ने शानदार रिटर्न कैच लपककर दूसरा विकेट हासिल किया।10 जनवरी 1997 को राजस्थान के टोंक में जन्मे जय मूंदड़ा का सपना भारतीय टीम के लिए खेलना था। उन्होंने क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग टोंक में कोच इम्तियाज अली से ली। शुरुआत में वह बल्लेबाज और लेफ्ट आर्म स्पिनर थे लेकिन बाद में कोच की सलाह पर तेज गेंदबाजी शुरू की और उसी में अपना करियर बनाया।

कोविड-19 महामारी जय मूंदड़ा के जीवन का बड़ा मोड़ साबित हुई। 2021 में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में एमटेक की पढ़ाई के लिए आयरलैंड का रुख किया। पढ़ाई के साथ उन्होंने डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब से क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया और लगातार शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।साल 2023 में वह आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद उन्हें आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली और भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में डेब्यू का मौका मिला।भारत के खिलाफ अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जय मूंदड़ा ने दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया।

उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत आयरलैंड ने भारत को 34 रन से हराकर दो मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।मैच के बाद जय ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट की बुनियादी शिक्षा भारत में हासिल की है और टोंक के अपने कोचों का उनके करियर में अहम योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि आयरलैंड आने का फैसला पढ़ाई के लिए लिया था लेकिन यहां उन्हें क्रिकेट में आगे बढ़ने का भी बेहतरीन अवसर मिला। लगातार मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय किया।