108307

Jamshedpur:- डिमना लेक में डूबने से दो इंटर्न डॉक्टरों की मौत क्या महज़ एक हादसा था या फिर एक प्री-प्लान्ड मर्डर?

खबर को शेयर करें
108307

24 जुलाई को डिमना डैम में डूबने से MGM अस्पताल के दो इंटर्न डॉक्टरों डॉ. समीर कुमार और डॉ. सक्षम सिंह की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में घटनास्थल पर मौजूद तीसरे साथी डॉ. यश को मृतक डॉ. समीर कुमार के पिता की शिकायत के आधार पर नामज़द आरोपी बनाया गया है।

मृतक डॉ. समीर कुमार के पिता अजय कुमार लाल ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना से एक दिन पहले उनके बेटे और डॉ. यश के बीच विवाद हुआ था जिसके बाद दोनों के बीच तनाव बना हुआ था। शिकायत में कहा गया है कि 23 जुलाई की रात ड्यूटी खत्म होने के बाद डॉ. यश उनके बेटे को बहला-फुसलाकर डिमना लेक ले गया जहां पहले से मौजूद अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर शव को पानी में फेंक दिया गया। उन्होंने मामले में डॉ. यश और अन्य कथित साथियों की गिरफ्तारी तथा कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि इस घटना में केवल डॉ. समीर कुमार ही नहीं बल्कि उनके साथी डॉ. सक्षम सिंह की भी डूबने से मौत हुई थी।वहीं डॉ. सक्षम सिंह के पिता ने भी आरोप लगाया है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि इसके पीछे कोई और कहानी छिपी हुई है। उन्होंने भी अपने आवेदन में घटना से पहले दोस्तों के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। शुरुआती जानकारी में इसे हादसा माना गया था लेकिन अब मृतकों के परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद पूरे मामले ने नया रूप ले लिया है।

हालांकि अभी तक पुलिस की जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों डॉक्टरों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। यह हादसा था लापरवाही थी या फिर किसी साजिश का हिस्सा

ऐसे में जरूरी है कि पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और हर एंगल से गहन जांच करे। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं यदि किसी पर लगाए गए आरोप जांच में सही साबित नहीं होते तो किसी निर्दोष को बेवजह कानूनी कार्रवाई का सामना भी नहीं करना चाहिए।