1000270673

UGC-NET के समाजशास्त्र पेपर पर बवाल छात्रों ने NTA पर उठाए गंभीर सवाल स्पेलिंग अनुवाद और सिलेबस से बाहर प्रश्नों पर विवाद

खबर को शेयर करें
1000270673

NEW DELHI : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला 30 जून को आयोजित UGC-NET 2026 की समाजशास्त्र (Sociology) विषय की परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में कई गंभीर खामियों का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि पेपर में गलत स्पेलिंग खराब हिंदी अनुवाद व्याकरण संबंधी त्रुटियां और सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे गए जिससे उन्हें परीक्षा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा।

परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। एक्स पर एक रिसर्च स्कॉलर ने दावा किया कि प्रश्नपत्र में कई सवाल ऐसे थे जिनका निर्धारित सिलेबस से कोई संबंध नहीं था। साथ ही, कई प्रश्नों में भाषा और शब्दों की त्रुटियां इतनी अधिक थीं कि प्रश्नों का सही अर्थ समझना मुश्किल हो गया।

  • कई प्रसिद्ध समाजशास्त्रियों के नाम गलत लिखे गए। उदाहरण के तौर पर Ritzer की जगह Putzer, Parsons की जगह Parsow, Ghurye की जगह Ghunye, A.R. Desai की जगह A.K. Desai और Nussbaum की जगह Nusbaut लिखा गया।
  • अंग्रेजी से हिंदी में किया गया अनुवाद बेहद कमजोर बताया गया। छात्रों का कहना है कि कई प्रश्नों का हिंदी अनुवाद इतना गलत था कि उनका वास्तविक अर्थ ही बदल गया।
  • कई प्रश्नों में व्याकरण और वाक्य संरचना संबंधी गंभीर त्रुटियां भी देखने को मिलीं।
  • अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम (सिलेबस) से बाहर के थे।

विवाद बढ़ने के बाद NTA की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार NTA सूत्रों ने कहा कि प्रश्नपत्र में टाइपिंग की कुछ छोटी-मोटी गलतियां होना असामान्य नहीं है। एजेंसी को इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है।

फिलहाल छात्रों की मांग है कि NTA इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे और यदि आवश्यक हो तो प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय लिया जाए।