वेज रिवीजन पर टाटा स्टील प्रबंधन और यूनियन फिर आमने-सामने, समाधान की ओर बढ़ी वार्ता

जमशेदपुर : टाटा स्टील में कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौते को लेकर प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच चल रही वार्ता में उत्पन्न गतिरोध फिलहाल समाप्त होता नजर आ रहा है। दिन में हुई तल्खी और बातचीत रुकने की स्थिति के बाद शाम को दोनों पक्षों के बीच संवाद बहाल हो गया और वेज रिवीजन पर चर्चा फिर से शुरू हुई।
सूत्रों के अनुसार टाटा स्टील के cheif human resource officer (CHRO) जुबिन पालिया ने टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी ‘टुन्नु’ से संपर्क साधा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मान-मनौव्वल का दौर चला और शाम करीब 5 बजे वार्ता दोबारा शुरू हुई।
बैठक के दौरान प्रबंधन का रुख पहले की तुलना में कुछ नरम दिखा लेकिन उसकी मूल मांग में कोई बदलाव नहीं आया। प्रबंधन का कहना था कि यदि मासिक गारंटीड बेनिफिट (MGB) में वृद्धि करनी है तो समझौते की अवधि बढ़ाने पर भी विचार करना होगा। वहीं यूनियन पदाधिकारियों ने इस तर्क का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियां कोई नई नहीं हैं और वेज रिवीजन समझौते में अनावश्यक देरी से कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वार्ता के दौरान एक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आया, जिसके तहत एनएस ग्रेड और ओल्ड सीरीज कर्मचारियों के लिए अलग-अलग एमजीबी तय करने पर सहमति बनने की संभावना जताई गई। इसे विवाद सुलझाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ टी.वी. नरेंद्रन तथा cheif people officer (CPO) अतरई सान्याल जमशेदपुर में मौजूद रहेंगे। ऐसे में यूनियन की उच्च स्तर पर बातचीत होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस दौरान एमजीबी और समझौते की अवधि को लेकर जारी विवाद का समाधान निकल सकता है जिससे लंबे समय से लंबित वेज रिवीजन समझौते का रास्ता साफ हो जाएगा।

