हूल दिवस पर शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि, उनके संघर्ष को बताया प्रेरणा

हूल दिवस के मौके पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अलग-अलग कार्यक्रमों में संथाल हूल के वीर नायकों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साहस और बलिदान को याद करते हुए लोगों से उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की गई।
रांची के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि हूल आंदोलन देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। उन्होंने कहा कि इन वीरों ने अंग्रेजों के अत्याचार और अन्याय के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उनका बलिदान आज भी समाज को न्याय, समानता और एकता का संदेश देता है।
वहीं, कांग्रेस भवन और मोराबादी स्थित सिदो-कान्हू पार्क में भी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि 30 जून 1855 को शुरू हुआ संथाल हूल केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि आजादी की लड़ाई का बड़ा जनआंदोलन था। उन्होंने कहा कि आदिवासी वीरों ने जल, जंगल, जमीन और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीदों के आदर्शों पर चलने, सामाजिक न्याय, आदिवासी अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया।


