रामगढ़ पुलिस की डिजिटल पहल: 1971 चार्जशीटेड अपराधियों की बनेगी ऑनलाइन प्रोफाइल निगरानी होगी और सख्त

रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत के अनुसार, नई व्यवस्था से अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना, अपराधों का विश्लेषण करना और मामलों का त्वरित खुलासा पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगा।
पुलिस ने 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 के बीच आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, हत्या, रंगदारी, डकैती, लूट, सेंधमारी, छिनतई, चोरी, वाहन चोरी और उत्पाद अधिनियम से जुड़े मामलों में चार्जशीटेड 1971 अपराधियों की सूची तैयार की है। इन सभी अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइल बनाई जाएगी, जिसमें उनके आपराधिक इतिहास और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक अपराधी का दो स्तर पर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। पहला सत्यापन उस थाना क्षेत्र की पुलिस करेगी, जहां संबंधित मामला दर्ज है, जबकि दूसरा सत्यापन उस थाना क्षेत्र की पुलिस करेगी, जहां आरोपी वर्तमान में निवास कर रहा है।
सत्यापन के बाद डिजिटल पोर्टल पर अपराधी का आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान पता, सत्यापन रिपोर्ट, अपराध करने का तरीका (मोडस ऑपरेंडी) और अन्य आवश्यक जानकारियां सुरक्षित रखी जाएंगी। जरूरत पड़ने पर जिले के सभी थाने इस डाटा का उपयोग अनुसंधान, अपराध विश्लेषण और अपराधियों की पहचान के लिए कर सकेंगे।
पुलिस ने जेल से जमानत पर बाहर आए अपराधियों की नियमित निगरानी और सत्यापन की भी व्यवस्था की है, ताकि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके और दोबारा अपराध की संभावनाओं को कम किया जा सके।
नवगठित क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन विंग में रामगढ़ और पतरातू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मुख्यालय के पुलिस उपाधीक्षक, जिले के सभी पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा प्रत्येक थाना से नामित नोडल पदाधिकारी शामिल किए गए हैं। यह विंग सीधे पुलिस अधीक्षक की निगरानी में कार्य करेगा और इसकी नियमित समीक्षा पाक्षिक बैठकों में की जाएगी।
एसपी ने संबंधित अधिकारियों को आरोपपत्रित अपराधियों की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार डोजियर तैयार करने, निगरानी प्रस्ताव भेजने, सीसीए के तहत कार्रवाई, जमानत निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने, एनडीपीएस मामलों में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने तथा गुंडा बही और गिरोह पंजी में प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपराध या अपराधियों से जुड़ी किसी भी सूचना की तुरंत स्थानीय थाना या रामगढ़ पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
RAMGARH : अपराध नियंत्रण और सक्रिय अपराधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए रामगढ़ पुलिस ने तकनीक का सहारा लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। जिले में चार्जशीटेड अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइलिंग के लिए विशेष डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल विकसित किया गया है। साथ ही इस अभियान को संचालित करने के लिए 36 सदस्यीय क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन विंग (CP&DW) का गठन किया गया है।
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत के अनुसार नई व्यवस्था से अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना अपराधों का विश्लेषण करना और मामलों का त्वरित खुलासा पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगा।
पुलिस ने 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 के बीच आर्म्स एक्ट एनडीपीएस एक्ट हत्या रंगदारी डकैती लूट सेंधमारी छिनतई चोरी वाहन चोरी और उत्पाद अधिनियम से जुड़े मामलों में चार्जशीटेड 1971 अपराधियों की सूची तैयार की है। इन सभी अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइल बनाई जाएगी जिसमें उनके आपराधिक इतिहास और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक अपराधी का दो स्तर पर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। पहला सत्यापन उस थाना क्षेत्र की पुलिस करेगी जहां संबंधित मामला दर्ज है जबकि दूसरा सत्यापन उस थाना क्षेत्र की पुलिस करेगी जहां आरोपी वर्तमान में निवास कर रहा है।
सत्यापन के बाद डिजिटल पोर्टल पर अपराधी का आपराधिक रिकॉर्ड वर्तमान पता सत्यापन रिपोर्ट अपराध करने का तरीका (मोडस ऑपरेंडी) और अन्य आवश्यक जानकारियां सुरक्षित रखी जाएंगी। जरूरत पड़ने पर जिले के सभी थाने इस डाटा का उपयोग अनुसंधानअपराध विश्लेषण और अपराधियों की पहचान के लिए कर सकेंगे।
पुलिस ने जेल से जमानत पर बाहर आए अपराधियों की नियमित निगरानी और सत्यापन की भी व्यवस्था की है ताकि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके और दोबारा अपराध की संभावनाओं को कम किया जा सके।
नवगठित क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन विंग में रामगढ़ और पतरातू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुख्यालय के पुलिस उपाधीक्षक जिले के सभी पुलिस निरीक्षक थाना एवं ओपी प्रभारी तथा प्रत्येक थाना से नामित नोडल पदाधिकारी शामिल किए गए हैं। यह विंग सीधे पुलिस अधीक्षक की निगरानी में कार्य करेगा और इसकी नियमित समीक्षा पाक्षिक बैठकों में की जाएगी।
एसपी ने संबंधित अधिकारियों को आरोपपत्रित अपराधियों की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार डोजियर तैयार करने निगरानी प्रस्ताव भेजने सीसीए के तहत कार्रवाई जमानत निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने एनडीपीएस मामलों में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करने तथा गुंडा बही और गिरोह पंजी में प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपराध या अपराधियों से जुड़ी किसी भी सूचना की तुरंत स्थानीय थाना या रामगढ़ पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

