असम में गुवाहाटी विस्तार परियोजना पर उठे सवाल,क्या आदिवासी समुदायों का होगा फिर से विस्थापन

Guwahati : असम सरकार की प्रस्तावित गुवाहाटी विस्तार परियोजना को लेकर एक बार फिर भूमि अधिग्रहण और संभावित विस्थापन का मुद्दा चर्चा में है। परियोजना का उद्देश्य गुवाहाटी महानगर का नियोजित विस्तार कर आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना है हालांकि इससे प्रभावित होने वाले स्थानीय और आदिवासी समुदायों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सरकार की योजना के तहत गुवाहाटी से सटे क्षेत्रों का चरणबद्ध विकास किया जाएगा ताकि बढ़ती आबादी और तेज़ी से हो रहे शहरीकरण के दबाव को संतुलित किया जा सके। परियोजना में नई सड़कें पुल जलापूर्ति सीवरेज बिजली सार्वजनिक परिवहन आवासीय कॉलोनियां व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र शैक्षणिक संस्थान अस्पताल तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव शामिल है।
इसके अलावा शहर के बाहरी इलाकों में नई टाउनशिप विकसित करने और उन्हें बेहतर सड़क एवं परिवहन नेटवर्क के जरिए गुवाहाटी से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है।
सरकार का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत के एक आधुनिक सुव्यवस्थित और टिकाऊ महानगर के रूप में विकसित करना है जिससे भविष्य में बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों के अनुरूप आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
हालांकि परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण और संभावित विस्थापन के मुद्दे पर विभिन्न पक्षों की चिंताएं भी सामने आ रही हैं। सरकार की ओर से इस संबंध में अंतिम नीति और प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

