रातूगढ़ की विरासत पर प्रियदर्शिनी शाहदेव का अधिकार तय, बिना किसी विरोध के कोर्ट ने जारी किया उत्तराधिकार प्रमाण पत्र

Ranchi : रातूगढ़ की शाही विरासत को लेकर लंबे समय से चली आ रही कानूनी प्रक्रिया में बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने महाराजा की पुत्रवधू प्रियदर्शिनी शाहदेव के पक्ष में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया है। खास बात यह रही कि इस मामले में परिवार के किसी सदस्य, रातू के ग्रामीणों या आम जनता की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई।
सुनवाई के दौरान परिवार के सदस्यों ने अदालत में स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्रियदर्शिनी शाहदेव के नाम जारी किया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। अदालत के समक्ष इस संबंध में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और किसी भी पक्ष की ओर से विरोध नहीं किया गया।
अदालत ने सभी गवाहों के बयान मृत्यु प्रमाण पत्र और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि प्रियदर्शिनी शाहदेव का दावा पूरी तरह वैध है। इसके बाद न्यायालय ने संबंधित कार्यालय को उनके पक्ष में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने संबंधित बैंकों को भी आदेश दिया है कि वे उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी होने के बाद संबंधित राशि ब्याज सहित प्रियदर्शिनी शाहदेव को सौंप दें।
हालांकि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अदालत ने प्रियदर्शिनी शाहदेव को क्षतिपूर्ति बॉन्ड (Indemnity Bond) और सुरक्षा बॉन्ड (Security Bond) जमा करने का निर्देश भी दिया है। अदालत का कहना है कि यदि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस संपत्ति पर दावा करता है तो इन बॉन्ड के आधार पर कानूनी जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।

