ऑन ड्यूटी ट्रेन मैनेजर की गर्मी से मौत, गार्ड बोगी की खराब व्यवस्था पर रेलकर्मियों में गुस्सा…

Jharkhand: झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल से एक दुखद खबर सामने आई है। ट्रेन मैनेजर तरुण केरकेट्टा की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह चक्रधरपुर से बंडामुंडा के लिए मालगाड़ी लेकर जा रहे थे। लेकिन भालुलता स्टेशन के पास तेज गर्मी और उमस के कारण वह गार्ड बोगी (ब्रेक वेन) में बेहोश हो गए।
साथी कर्मचारियों ने उन्हें फौरन नीचे उतारा और निजी वाहन से बंडामुंडा अस्पताल भेजा गया। वहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें राउरकेला आईजीएच अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल में शोक की लहर है लेकिन साथ ही रेलकर्मियों में भारी गुस्सा भी है। बताया जा रहा है कि ट्रेन मैनेजर तरुण केरकेट्टा गार्ड बोगी की खराब व्यवस्था को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे।
रेलकर्मियों का कहना है कि गार्ड बोगी अब भी अंग्रेजों के जमाने की है, जिसमें न तो गर्मी से बचने की कोई सुविधा है और न ही आराम करने की सही जगह। इस भीषण गर्मी में यह बोगी कर्मचारियों के लिए जानलेवा बन चुकी है।
रेल प्रशासन की ओर से गार्ड बोगियों को सुधारने की बात तो की जाती है लेकिन काम बहुत धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि सुधार कब तक होगा और कितने और कर्मचारी अपनी जान गंवाएंगे?
सहकर्मी की मौत से आहत ट्रेन मैनेजरों ने रेल प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि अगर समय रहते गार्ड बोगियों में सुधार होता तो शायद आज तरुण केरकेट्टा जिंदा होते।


