झारखंड में शिक्षा का नया मॉडल: 2026-30 सत्र से जमशेदपुर के सिर्फ तीन सरकारी कॉलेजों में होगी बीएससी की पढ़ाई

रांची/जमशेदपुर: झारखंड सरकार ने सरकारी कॉलेजों में विज्ञान संकाय की पढ़ाई को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-30 से राज्य के बड़े शहरों में बीएससी (विज्ञान संकाय) की पढ़ाई केवल चयनित सरकारी कॉलेजों में ही कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य उपलब्ध प्रयोगशालाओं, शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
नई व्यवस्था के तहत जमशेदपुर में अब बीएससी की पढ़ाई केवल तीन सरकारी कॉलेजों—जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज और ग्रेजुएट कॉलेज—में ही होगी। इन तीनों कॉलेजों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUGP) के तहत कुल 1,620 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा। पहले शहर के कई सरकारी कॉलेजों में विज्ञान संकाय की पढ़ाई होती थी, लेकिन अब नए नामांकन सिर्फ इन्हीं तीन संस्थानों में होंगे।
यह व्यवस्था सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगी। रांची और धनबाद में भी विज्ञान संकाय की पढ़ाई चुनिंदा सरकारी कॉलेजों में केंद्रित की जाएगी। रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत डोरंडा कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज और रांची विमेंस कॉलेज में ही साइंस की पढ़ाई संचालित होगी। विभाग का मानना है कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, बेहतर उपकरणों और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का लाभ मिलेगा। साथ ही संसाधनों को एक स्थान पर केंद्रित करने से कॉलेजों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा और विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

