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प्रेम संबंध में मासूमों की हत्या: मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा कोर्ट ने कहा rearest of the rear मामला

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Madhubani : बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर कोर्ट ने अपने ही दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में उनकी मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि झंझारपुर कोर्ट के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी मामले में मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने के कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

दोषी अनिता कुमारी मधुबनी जिले के अंधरामठ थाना क्षेत्र के नरही गांव की रहने वाली है जबकि उसका प्रेमी जय प्रकाश मंडल लौकही थाना क्षेत्र के धुनकी करियौत गांव का निवासी है। अदालत ने दोनों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और 34 के तहत दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया।

मामला वर्ष 2023 का है। जानकारी के अनुसार अनिता अपने चार वर्षीय बेटे प्रिंस और डेढ़ वर्षीय बेटी सृष्टि को लेकर मायके जाने की बात कहकर घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन दोनों बच्चों और महिला का कोई पता नहीं चल सका।

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि अनिता और उसके प्रेमी ने प्रेम संबंध में बच्चों को बाधा मानते हुए उनकी हत्या कर दी थी। वारदात के बाद दोनों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से बच्चों के शव बलान नदी में फेंक दिए। स्थानीय लोगों को दोनों की गतिविधियों पर संदेह हुआ जिसके बाद उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया गया। लोगों ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने चार वर्षीय प्रिंस का शव बरामद कर लिया जबकि डेढ़ वर्षीय सृष्टि का शव नदी के तेज बहाव में बह जाने के कारण नहीं मिल सका।

बच्चों के पिता प्रमोद कुमार ने 10 जुलाई 2023 को घोघरडीहा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद 11 जुलाई 2023 से दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने इस अपराध को समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला बताते हुए मृत्युदंड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने सजा कम करने की दलीलें पेश कीं लेकिन अदालत ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अभिषेक रंजन ने सभी साक्ष्यों गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि यह अपराध अत्यंत क्रूर अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाला है। इसी आधार पर अदालत ने इसे rearest of the rare श्रेणी का मामला मानते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।