1.50 लाख की साइबर ठगी मामले में मोहम्मद शराफत बरी, साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने सुनाया फैसला

जमशेदपुर में करीब 1.50 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़े बहुचर्चित मामले में अदालत ने आरोपी मोहम्मद शराफत को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
यह मामला वर्ष 2018 का है जब मानगो निवासी ज्योति कुमारी को फर्जी लकी ड्रॉ और इनाम का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1.50 लाख रुपये जमा कराए गए थे। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने खुद को जियो सर्वे का प्रतिनिधि बताते हुए टीवीएस अपाचे बाइक, एलईडी टीवी और नकद पुरस्कार देने का दावा किया था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी, सिक्योरिटी, विलंब शुल्क समेत विभिन्न मदों के नाम पर कई किस्तों में राशि जमा कराई गई। जब पीड़िता ने इनाम लेने से इनकार कर अपनी जमा राशि वापस मांगी तो पैसे वापस नहीं किए गए।
जांच के बाद इस मामले में मोहम्मद शराफत के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध ऐसे पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका जिनके आधार पर अपराध संदेह से परे सिद्ध हो सके। उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए मोहम्मद शराफत को आरोपों से बरी कर दिया।
मामले में एडवोकेट मोहम्मद अरशद अंसारी ने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण करने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने मोहम्मद शराफत को बरी करने का आदेश पारित किया।


