झारखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर विधायक पूर्णिमा साहू का हमला, बोलीं- अपराधियों का मनोबल बढ़ा, थानों में नहीं मिल रही लोगों को मदद…

जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में विधि-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक ने कहा कि पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की फील्ड में सक्रियता दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे नियमित रूप से थानों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन कर रहे हैं या नहीं।
पूर्णिमा साहू ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब थानों की व्यवस्था की निगरानी और लोगों की समस्याओं को सुनने का काम भी जनप्रतिनिधियों को करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ितों को थानों में उचित सहयोग नहीं मिल रहा है जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने कहा कि राज्य में लगातार चेन छिनतई, हत्या, ठगी और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में अपराधी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को निशाना बना रहे हैं जो कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उनके अनुसार ऐसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अपराधियों पर पुलिस प्रशासन की पकड़ कमजोर पड़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचते हैं। कई पीड़ित परिवार शिकायत करते हैं कि उनकी शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं होती। लापता बेटियों के मामलों में भी परिवारों को भटकना पड़ता है और जांच को आगे बढ़ाने के बजाय विभिन्न कारण बताए जाते हैं।
पूर्णिमा साहू ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर वह पहले भी सड़क पर उतरकर आंदोलन कर चुकी हैं और कार्यालय घेराव जैसे कार्यक्रमों का नेतृत्व कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य दायित्व अपराधियों को पकड़ना और जनता को सुरक्षा प्रदान करना है लेकिन वर्तमान हालात में आम लोगों के बीच असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

