आदित्यपुर में बाल श्रम पर बड़ा एक्शन: मिठाई दुकान और वाशिंग सेंटर से 4 मासूम बच्चे रेस्क्यू, मालिकों को भारी चेतावनी

जमशेदपुर के आदित्यपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को सरकारी आदेश पर जब बाल श्रम विभाग, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया।
टीम ने आरआईटी थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग ठिकानों पर रेड मारी। इसमें एनआईटी रोड पर स्थित ‘रोहित स्वीट्स’ से दो मासूम बच्चों को काम करते हुए छुड़ाया गया। वहीं दूसरी तरफ, अंबेडकर चौक के पास एक गाड़ियों के वाशिंग सेंटर पर भी छापा मारा गया, जहां से दो और नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया। कुल मिलाकर चार बच्चों को इस दलदल से बाहर निकाला गया है।
गनीमत यह रही कि इन सभी बच्चों को तुरंत रेस्क्यू करके चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने उनके माता-पिता और परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया है। हालांकि, दुकान और वाशिंग सेंटर के मालिकों को फिलहाल सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
इस कार्रवाई पर बात करते हुए सीडब्लूसी के सदस्य सैयद हैदर ने साफ शब्दों में कहा कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम करवाना एक गंभीर कानूनी अपराध है। अगर आगे भी कोई भी दुकान या संस्थान बाल श्रम कानून का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उस पर सीधे कानूनी मुकदमा दर्ज होगा। उन्होंने सभी दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों के बाहर साफ-साफ अक्षरों में बोर्ड लगाएं कि ‘यहां बाल मजदूर काम नहीं करते हैं’।
इस पूरी कार्रवाई में लेबर डिपार्टमेंट की रूबी कुमारी, चाइल्ड हेल्पलाइन की कविता मिश्रा, पुलिस अधिकारी आनंद कुमार और कई युवा संस्थाओं के लोग मुस्तैद रहे, जिनकी वजह से इन चार बच्चों का बचपन वापस मिल सका।

