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लखनऊ अग्निकांड: कुछ ही मिनटों में खुशियां मातम में बदलीं, जांच के लिए एसआईटी गठित; सीएम योगी ने रद्द किए सभी कार्यक्रम

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राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में सोमवार दोपहर हुआ भीषण अग्निकांड कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। दोपहर तक जहां सब कुछ सामान्य था, वहीं कुछ ही मिनटों बाद पूरा इलाका चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम में डूब गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस इमारत में आग लगी, उसमें हादसे के समय करीब 27 लोग मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 1:45 बजे तक स्थिति सामान्य थी, लेकिन अचानक इमारत से धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

जान बचाने के लिए इमारत में फंसे कई लोगों ने खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से बाहर छलांग लगा दी, जबकि कई लोग अंदर ही फंस गए। बाहर खड़े परिजनों और स्थानीय लोगों की निगाहें लगातार इमारत की ओर टिकी रहीं। हर किसी को बस अपने परिजनों के सुरक्षित बाहर निकलने का इंतजार था। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, कुछ देर तक सिर्फ लोगों की चीखें और मदद की पुकार सुनाई दे रही थी।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घंटों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंगलवार के सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई और मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

एसआईटी में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात तथा लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर सीधे लखनऊ पहुंचे। उन्होंने अलीगंज स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया, प्रभावित भवन और आसपास के इलाकों का जायजा लिया तथा अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद मुख्यमंत्री किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मिले तथा बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटा है, जबकि हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल बना हुआ है। लोगों के मन में अब भी यही सवाल है कि आखिर कुछ ही मिनटों में ऐसा क्या हुआ, जिसने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।