JHARKHAND : झारखंड में ‘ऑपरेशन लोटस’ की साजिश का दावा, पप्पू यादव ने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम पर लगाए गंभीर आरोप

RANCHI: पूर्णिया के सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने झारखंड की राजनीति को लेकर बड़ा दावा करते हुए सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत सरकार को अस्थिर करने की एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। पप्पू यादव ने इस कथित साजिश के पीछे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की भूमिका होने का दावा किया है।
रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा, आरके कंस्ट्रक्शन के मालिक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पूर्व विधायक निजामुद्दीन रांची और धनबाद के बड़े होटलों में ठहरे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गिराने की पूरी रणनीति इन्हीं होटलों के कमरों से तैयार की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि इससे जुड़े कई सबूत होटल के CCTV कैमरों में दर्ज हैं।
पप्पू यादव ने मनोज मंडल नामक व्यक्ति का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वह रांची स्थित भाजपा कार्यालय में ठहरा हुआ था और कथित रूप से पूर्व विधायक निजामुद्दीन समेत अन्य लोगों तक पैसों से भरे लिफाफे पहुंचाने का काम कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि मनोज मंडल की छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा और भाजपा महासचिव कबीर सिंह के साथ WhatsApp पर लगातार बातचीत हो रही थी।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि रामगढ़ के पटेल चौक पर तीन महत्वपूर्ण लिफाफों की डिलीवरी की गई थी जो कथित तौर पर इस पूरे प्रकरण से जुड़े थे।
पप्पू यादव ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ से करीब 100 करोड़ रुपये नकद पटना के रास्ते झारखंड पहुंचाए गए थे। उनके अनुसार इस रकम के परिवहन के लिए शिवनाथ ट्रैवल्स की बसों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कथित साजिश में आरजेडी से जुड़े एक बड़े बालू कारोबारी की भी भूमिका थी।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस के कुछ विधायकों पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और नेता प्रतिपक्ष का पद छीनने जैसी धमकियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी का नाम लेते हुए भी सवाल खड़े किए और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
पप्पू यादव ने कहा कि यदि उनके आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि पप्पू यादव के आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है।

