भारत ने बढ़ाया ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर कदम, हाइड्रोजन ट्रेन का सफल परीक्षण…

Azad Reporter desk: भारतीय रेलवे ने हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन कोच का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण हरियाणा के जींद में स्थित रेलवे वर्कशॉप में किया गया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि भारत 1,200 हॉर्स पावर की हाइड्रोजन ट्रेन विकसित कर रहा है। इस तकनीक के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जो रेल परिवहन में हाइड्रोजन का उपयोग कर रहे हैं।
हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को न तो डीजल की जरूरत होती है और न ही बिजली की सप्लाई लाइन की। यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम पर काम करती है। इसमें हाइड्रोजन गैस को टैंक में भरा जाता है और हवा से ली गई ऑक्सीजन के साथ मिलकर बिजली पैदा होती है। यही बिजली ट्रेन की मोटर को शक्ति देती है। तेज रफ्तार या चढ़ाई वाले रास्तों पर बैटरी की भी मदद ली जाती है।
इस तकनीक से प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता। हाइड्रोजन ट्रेनें कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य जहरीली गैसें नहीं छोड़तीं, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता।
फ्रांस और जर्मनी में पहले से ही हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं। अब भारत में इस तकनीक के आने से ‘ग्रीन फ्यूचर’ को बढ़ावा मिलेगा और 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।


