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हिमांशु सिंह हत्याकांड पर तेज हुई सियासत झामुमो ने भाजपा से पूछा- नीरज सिंह पर चुप्पी क्यों?

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JAMSHEDPUR : बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (DD) बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा है कि बार संचालक एवं भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पार्टी चुप्पी क्यों साधे हुए है।

बहरागोड़ा विधायक समीर कुमार मोहंती और झामुमो के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि डबल डाउन बार में हुई दो युवकों की हत्या बेहद दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि झामुमो पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और राज्य सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार भाजपा न्याय की मांग करने के बजाय इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।

झामुमो नेताओं ने दावा किया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक युवकों ने महिलाओं से कथित छेड़खानी का विरोध किया था जिसके बाद विवाद बढ़ा और यह घटना हुई। उनका कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं उनका संबंध डबल डाउन बार से है इसलिए भाजपा को पहले अपने संगठन से जुड़े लोगों की भूमिका पर जवाब देना चाहिए।

समीर कुमार मोहंती ने सवाल उठाया कि यदि नीरज सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है तो भाजपा उनकी गिरफ्तारी की मांग क्यों नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने पदाधिकारी होने के कारण इस मामले में चुप्पी साधे हुए है और पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह अपराधियों के साथ है या न्याय के साथ।

झामुमो ने राज्य सरकार की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद डबल डाउन बार को सील किया गया लापरवाही के आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया तथा जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया गया। पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आरोपी को उसके प्रभाव के आधार पर बख्शा नहीं जाएगा।

झामुमो ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की चिंता है तो उन्हें अपने दल के उस पदाधिकारी के खिलाफ भी खुलकर बोलना चाहिए जिसके प्रतिष्ठान में यह घटना हुई।

पार्टी ने अंत में कहा कि अपराधी की पहचान उसके राजनीतिक दल से नहीं बल्कि उसके अपराध से होती है। कानून सभी के लिए समान है और सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करेगी।