Hello मैं दिव्या बोल रही हूं… WhatsApp मैसेज से शुरू हुई ठगी CA से 7 महीने में ₹21 करोड़ की साइबर ठगी

BHOPAL : मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट से फर्जी क्रिप्टो निवेश के नाम पर करीब 21.05 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। पुलिस के अनुसार, ठगों ने करीब सात महीनों तक विश्वास में लेकर निवेश कराया और बाद में रकम को 20 हजार से अधिक बैंक खातों के जरिए कई स्तरों पर ट्रांसफर कर जांच को जटिल बना दिया।
शिकायत के मुताबिक दिसंबर 2025 में पीड़ित अशोक विजयवर्गीय के व्हाट्सऐप पर ‘दिव्या’ नाम की एक महिला का संदेश आया। उसने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए USDT (Tether) में निवेश कर भारी मुनाफे का दावा किया। इसके बाद पीड़ित को एक कथित ऑनलाइन ट्रेडिंग पोर्टल का लिंक भेजा गया और वहीं से निवेश की प्रक्रिया शुरू हुई।
शुरुआत में उन्होंने छोटी रकम निवेश की। कुछ समय बाद उन्हें लगभग 1.88 लाख रुपये का रिटर्न भी मिला जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे करीब 21 करोड़ रुपये तक निवेश कर दिए। पोर्टल पर उन्हें भारी मुनाफा दिखाया जाता रहा लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो पहले 10.84 करोड़ रुपये इनकम टैक्स और फिर 1 करोड़ रुपये मार्जिन रिस्क के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगा गया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
जांच एजेंसियों के अनुसार ठगी की रकम को कर्नाटक तमिलनाडु उत्तर प्रदेश राजस्थान पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के 20 हजार से अधिक बैंक खातों में चार अलग-अलग स्तरों के जरिए ट्रांसफर किया गया। रकम को एटीएम निकासी ऑनलाइन खरीदारी वाउचर और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से तेजी से इधर-उधर किया गया जिससे उसका पता लगाना मुश्किल हो गया।
पुलिस अब तक करीब 2 करोड़ रुपये ही फ्रीज कर पाई है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस्तेमाल किए गए कई बैंक खाते कथित मनी म्यूल हो सकते हैं जिनमें लोग कमीशन के बदले अपने खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते हैं।
फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही पूरे नेटवर्क का पता लगाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

