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झारखंड में सड़क हादसों का कहर: 4 साल में 15,243 लोगों की मौत, सबसे ज्यादा युवा बने शिकार

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RANCHI : झारखंड में सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। बीते चार वर्षों में राज्य में 15,243 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है। ताजा मामले में भीषण सड़क हादसे में 7 लोगों की जान चली गई, जिसने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की होती है। उन्होंने बताया कि करीब 60 प्रतिशत मृतकों की उम्र 18 से 34 वर्ष के बीच होती है। वहीं अन्य रिपोर्टों के अनुसार, 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 66.4 प्रतिशत लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं।

गडकरी ने इसे देश के लिए बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यही वर्ग देश की अर्थव्यवस्था विकास और भविष्य की रीढ़ है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण भारत को हर वर्ष अपनी जीडीपी का लगभग 3 प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ता है।झारखंड में पिछले वर्षों का सड़क हादसों का आंकड़ा- 2021: 4,728 सड़क दुर्घटनाएं, 3,513 मौतें 3,227 घायल- 2022: 5,180 से अधिक दुर्घटनाएं 3,898 मौतें- 2023: 5,315 दुर्घटनाएं 4,173 मौतें 3,585 घायल- 2024 (नवंबर तक): 4,664 दुर्घटनाएं, 3,659 मौतें 2,932 घायल- 2025: अब तक 124 घातक सड़क दुर्घटनाओं में 137 लोगों की मौतदेशभर में भी गंभीर स्थितिसड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में 8 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 23 लाख से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

हर वर्ष देश में औसतन 4.5 से 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा नियमों कपालन तेज रफ्तार पर नियंत्रण हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग तथा बेहतर यातायात प्रबंधन से इन हादसों में कमी लाई जा सकती है।