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झारखंड व एमपी समेत 12 कोयला खदानों की नीलामी, 20 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार…

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Jharkhand: देश के अलग-अलग राज्यों में 12 कोयला खदानों की नीलामी पूरी हो गई है। इन खदानों में झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश की खदानें शामिल हैं। सरकार को इन खदानों से करीब 3,300 करोड़ रुपये सालाना राजस्व मिलने की उम्मीद है और 20,902 लोगों को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

कोयला मंत्रालय के मुताबिक इन खदानों में लगभग 5,759 मिलियन टन कोयले का भंडार है। इनमें से आठ खदानों की पूरी खोज हो चुकी है और चार खदानें आंशिक रूप से खोजी गई हैं। इन खदानों से हर साल लगभग 15.46 मिलियन टन कोयला उत्पादन होगा।

सरकार को इन 12 खदानों से औसतन 36% तक का राजस्व हिस्सा मिलेगा। इसके साथ ही लगभग 2,319 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश भी आने की संभावना है।

कोयला मंत्रालय ने बताया कि 2020 से अब तक 125 खदानों की नीलामी हो चुकी है। इन खदानों से भविष्य में 38,767 करोड़ रुपये का राजस्व और 4.69 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे।

वित्त वर्ष 2024-25 में वाणिज्यिक कोयला उत्पादन 22.35 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 78% ज्यादा है।

इस नीलामी में जिन प्रमुख खदानों की बोली लगी उनमें झारखंड की जवारदाहा उत्तर और सेरेगरा, मध्य प्रदेश की मरवाटोला-II और साहापुर पूर्व, छत्तीसगढ़ की बनई-भालूमुंडा और विजय सेंट्रल, ओडिशा की शारदापुर जलाताप पूर्व, महाराष्ट्र की दहेगांव और भंडक पश्चिम, और अरुणाचल प्रदेश की नामचिक पूर्व-पश्चिम खदानें शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि इस नीलामी से कोयला उत्पादन बढ़ेगा स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।