अहमदाबाद में बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ राजस्थान-मध्य प्रदेश के कुछ सरपंचों पर दलाली के आरोप 276 बच्चों की पहचान

AHMEDABAD: गुजरात के अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने बच्चों की तस्करी करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह गरीब परिवारों के बच्चों को राजस्थान और मध्य प्रदेश से लाकर अहमदाबाद में भीख मंगवाने के लिए मजबूर करता था। जांच में अब तक 276 बच्चों की पहचान की गई है जिन्हें इस नेटवर्क के जरिए शहर लाया गया था।
पुलिस के मुताबिक बच्चों को मंदिरों अस्पतालों ट्रैफिक सिग्नलों शॉपिंग मॉल और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भीख मांगने के लिए भेजा जाता था। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क है जो कई राज्यों में सक्रिय था।
क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में आरोप सामने आए हैं कि राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ गांवों के सरपंच या स्थानीय मुखिया इस गिरोह के लिए कथित तौर पर दलाल की भूमिका निभा रहे थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह के संचालक गरीब और जरूरतमंद परिवारों की पहचान कराने के लिए स्थानीय सरपंचों से संपर्क करते थे।
जांच अधिकारियों के अनुसार बच्चों को गुजरात भेजने के बदले सरपंचों को पैसे दिए जाते थे। आरोप है कि वे इस रकम का एक हिस्सा बच्चों के परिजनों को देते थे और शेष राशि स्वयं रख लेते थे। इतना ही नहीं बच्चों की भीख से होने वाली दैनिक कमाई का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा भी कथित तौर पर कमीशन के रूप में लिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क का खुलासा अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और क्राइम ब्रांच द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान हुआ। शहर को वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के मद्देनजर भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के अभियान के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों के संगठित तरीके से भीख मांगने की जानकारी सामने
पुलिस के अनुसार गिरोह बच्चों को उन स्थानों पर भेजता था जहां अधिक भीड़ और ज्यादा कमाई की संभावना होती थी। इनमें धार्मिक स्थल ट्रैफिक जंक्शन अस्पताल और शॉपिंग मॉल प्रमुख थे।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। साथ ही आरोपों में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है और बच्चों के पुनर्वास के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।


