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हूल दिवस से पहले सिदो-कान्हू के वंशजों समेत 53 लोगों को SDM कोर्ट का नोटिस..चंपाई सोरेन ने सरकार पर साधा निशाना

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RANCHI : हूल दिवस से पहले सिदो-कान्हू के वंशजों समेत 53 लोगों को एसडीएम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी समाज के नायकों के वंशजों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।

चंपाई सोरेन ने कहा कि वीर सिदो-कान्हू की विरासत को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को जनता उचित जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हूल दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर से पहले इस तरह की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है।

प्रशासन की ओर से सिदो-कान्हू के वंशजों समेत कुल 53 लोगों को SDM कोर्ट से नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दंडित करना नहीं, बल्कि संभावित रूप से सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को रोकना है। यदि कार्यकारी मजिस्ट्रेट को यह आशंका होती है कि किसी व्यक्ति के कारण शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, तो वह संबंधित व्यक्ति से कारण बताने के साथ भविष्य में शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड (मुचलका) भरने का निर्देश दे सकता है।

इस प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति से निर्धारित अवधि तक शांति बनाए रखने का निजी मुचलका तथा आवश्यकता पड़ने पर जमानतदार भी मांगे जा सकते हैं। यदि व्यक्ति निर्धारित शर्तों का पालन करता है तो उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती।

फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है जबकि प्रशासन इसे पूरी तरह एहतियाती और कानून सम्मत कार्रवाई बता रहा है।