ग्रामीण कार्य विभाग में टेंडर नियमों पर AG की आपत्ति, जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित

रांची: झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग (REO) में निर्माण कार्यों के दौरान टेंडर की निर्धारित शर्तों के पालन को लेकर महालेखाकार (AG) द्वारा गंभीर आपत्तियां दर्ज किए जाने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच और आवश्यक सुधार के लिए विभाग ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
महालेखाकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि विभाग के कई निर्माण कार्यों में ठेकेदार स्टैंडर्ड बिड डॉक्यूमेंट (SBD) की शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। साथ ही संबंधित अभियंताओं द्वारा भी इन नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित नहीं कराया जा रहा है। इस संबंध में AG ने विभाग से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
मामले की समीक्षा के लिए गठित समिति महालेखाकार की आपत्तियों की बिंदुवार जांच करेगी। इसके साथ ही समिति यह भी तय करेगी कि SBD/F2 में शामिल कौन-सी शर्तें वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यक हैं और किन नियमों में संशोधन या उन्हें हटाने की जरूरत है। समीक्षा के बाद समिति अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी।
समिति में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के मुख्य अभियंता, राज्य गुणवत्ता संयोजक, कार्यपालक अभियंता (गुमला), कार्यपालक अभियंता (चक्रधरपुर) तथा बिल्डर एसोसिएशन के नामित प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया है।
विभाग का कहना है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़े और टेंडर प्रक्रिया का पूरी तरह नियमों के अनुसार पालन सुनिश्चित किया जा सके।


