अजय राय के बाद मुकेश सहनी भी नजरबंद, अयोध्या और लखनऊ की कार्रवाई पर गरमाई सियासत

LUCKNOW / AYODHYA : उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के नेताओं को नजरबंद किए जाने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के बाद वीआईपी प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को भी प्रशासन ने नजरबंद कर दिया। दोनों नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस का नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 30 जून को राम मंदिर में दर्शन करने और उसके बाद मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला था। प्रतिनिधिमंडल में सांसद किशोरी लाल शर्मा राकेश राठौर उज्ज्वल रमण सिंह और तनुज पुनिया सहित अन्य नेता शामिल थे।
अजय राय एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंच गए थे और एक होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में रखा। अजय राय ने आरोप लगाया कि उन्हें भगवान श्रीराम के दर्शन से रोका गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य दलों के नेताओं को वीआईपी दर्शन कराए जाते हैं जबकि कांग्रेस नेताओं को रोका जा रहा है।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि कांग्रेस धार्मिक स्थल पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना चाहती थी। प्रशासन के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी को भी लखनऊ में उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। सहनी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कथित उत्पीड़न के शिकार सहनी समाज के परिवारों से मिलने के दौरे पर थे और बस्ती के बाद शाहजहांपुर जाने वाले थे। हालांकि प्रशासन ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
शुरुआत में मुकेश सहनी को 30 जून दोपहर 12 बजे तक नजरबंद रखा गया था लेकिन बाद में इसकी अवधि 12 घंटे और बढ़ा दी गई। सहनी ने आरोप लगाया कि सरकार प्रशासन का दुरुपयोग कर जनप्रतिनिधियों को लोगों से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने से रोक रही है।

