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AI के बढ़ते इस्तेमाल से ओरेकल में 21 हजार कर्मचारियों की छंटनी, आगे और कटौती के संकेत

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NWE DELHI : Artificial intelligence (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल (Oracle) ने पिछले एक वर्ष में दुनिया भर में करीब 21 हजार कर्मचारियों की छंटनी की है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कार्यप्रणाली में AI तकनीक को शामिल करने और परिचालन लागत कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में भी कर्मचारियों की संख्या में और कटौती की जा सकती है।

ओरेकल की रिपोर्ट के अनुसार 31 मई 2025 तक कंपनी में कुल 1.62 लाख कर्मचारी कार्यरत थे जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर 1.41 लाख रह गई है। यानी कंपनी ने अपने कुल कार्यबल में लगभग 13 प्रतिशत की कमी की है।

कंपनी का कहना है कि AI आधारित तकनीकों के बढ़ते उपयोग से कई प्रक्रियाएं स्वचालित हो रही हैं जिसके कारण कर्मचारियों की आवश्यकता कम हुई है। इसके साथ ही प्रदर्शन और उत्पाद रणनीति में बदलाव कर कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

ओरेकल अकेली कंपनी नहीं है जिसने AI के कारण कर्मचारियों की संख्या कम की है। हाल के महीनों में अमेज़न और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने भी AI और ऑटोमेशन में निवेश बढ़ाने के साथ कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।

टेक सेक्टर पर नजर रखने वाली एजेंसियों के अनुसार पिछले एक वर्ष में AI आधारित बदलावों के कारण दुनियाभर में एक लाख से अधिक टेक कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हुई हैं।

कभी डेटाबेस सॉफ्टवेयर के लिए पहचानी जाने वाली ओरेकल अब खुद को AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। कंपनी AI वर्कलोड संभालने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर विकसित कर रही है और OpenAI जैसी कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।

ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन कंपनी को क्लाउड बाजार में अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के मुकाबले खड़ा करना चाहते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनौती आसान नहीं होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष ओरेकल को अपने विस्तार और निवेश योजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटानी पड़ी थी। वहीं अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां वित्तीय रूप से अधिक मजबूत स्थिति में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI की दौड़ में आगे रहने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं लेकिन इसका असर रोजगार पर भी दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में तकनीकी क्षेत्र में नौकरी की प्रकृति और आवश्यक कौशल में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।