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JHARKHAND : एक करोड़ का इनामी नक्सली असीम मंडल ने छोड़ा सारंडा, रांची-सरायकेला सीमा पर सक्रिय; दलमा जाने की तैयारी

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RANCHI / CHAIBASA : भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल ने सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव के बीच सारंडा क्षेत्र छोड़ दिया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वह फिलहाल रांची और सरायकेला-खरसावां की सीमा से लगे विजयगिरि और आसपास के इलाकों में अपने छह-सात साथियों के साथ सक्रिय है। उसकी गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में निगरानी और सघन कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, असीम मंडल का पूरा नाम असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर है। वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के चंद्रकोणा थाना क्षेत्र स्थित उत्तर फूलचक गांव का रहने वाला है और लंबे समय से झारखंड में माओवादी गतिविधियों का संचालन करता रहा है

खुफिया जानकारी के अनुसार हाल के महीनों में सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों और मुठभेड़ों से बचने के लिए असीम मंडल लगातार ठिकाने बदल रहा है। फिलहाल उसकी योजना दलमा क्षेत्र में पहुंचकर अपने दस्ते के लिए सुरक्षित ठिकाना तैयार करने और आगे की रणनीति बनाने की है।

सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली है कि माओवादी नेता वीरेन सिंह उर्फ सागर और सचिन मार्डी भी अपने कुछ साथियों के साथ दलमा क्षेत्र पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि इनका उद्देश्य असीम मंडल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर संगठन की आगामी रणनीति पर बैठक करना है।

सूत्रों के अनुसार, असीम मंडल पिछले करीब पांच वर्षों से सारंडा और कोल्हान क्षेत्र को अपना प्रमुख ठिकाना बनाए हुए था। इस दौरान वह कई बार सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में बच निकलने में सफल रहा।

जानकारी के मुताबिक सारंडा क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के लिए चाईबासा पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और सीआरपीएफ लगातार संयुक्त अभियान चला रहे हैं। हाल के दिनों में सुरक्षा बलों द्वारा जंगलों में की गई व्यापक घेराबंदी और लगातार सर्च ऑपरेशन के कारण माओवादी छोटे-छोटे समूहों में बंटकर अलग-अलग क्षेत्रों की ओर निकल गए। इसी दबाव के चलते असीम मंडल को भी सारंडा छोड़कर नया ठिकाना तलाशना पड़ा है।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां असीम मंडल और उसके सहयोगियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उनकी घेराबंदी के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।