धालभूमगढ़ में 8.13 लाख की लागत से बनी सड़क आठ घंटे में उखड़ने लगी, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

धालभूमगढ़ में सड़क की मरम्मत और कालीकरण के बाद लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन धालभूमगढ़ में एनएच सर्विस रोड से रेलवे स्टेशन जाने वाली लिंक रोड ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पथ निर्माण विभाग की ओर से शुक्रवार रात कराए गए कालीकरण के बाद शनिवार दोपहर तक सड़क कई जगहों पर उखड़ने लगी। हालात ऐसे हो गए कि सड़क पर बाइक खड़ी करने पर उसका स्टैंड तक सड़क में धंसने लगा। महज आठ घंटे के भीतर सड़क की ऐसी स्थिति देखकर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और सड़क का दोबारा निर्माण कराने की मांग की है।
एनएच सर्विस रोड से रेलवे स्टेशन जाने वाली इस लिंक रोड की लंबाई 270 मीटर और चौड़ाई चार मीटर है। सड़क की सामान्य मरम्मत और कालीकरण के लिए पथ निर्माण विभाग की ओर से 8.13 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि निर्धारित की गई थी। इस कार्य का जिम्मा उर्मिला कंस्ट्रक्शन एसोसिएट को दिया गया था। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 की नन-प्लान योजना है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि सड़क किनारे की मिट्टी तक नहीं हटाई गई और निर्माण कार्य के दौरान योजना से संबंधित सूचना पट भी नहीं लगाया गया। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क उखड़ने की सूचना मिलने के बाद सेवा ही धर्म फाउंडेशन के नौशाद अहमद, कन्हैया सिंह समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य पर नाराजगी जताते हुए विभाग और निर्माण एजेंसी की मिलीभगत से घटिया काम कराए जाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि कालीकरण के कुछ ही घंटों के भीतर सड़क का उखड़ना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर ट्वीट करेंगे और पूरी जानकारी उपायुक्त समेत संबंधित मंत्री तक पहुंचाएंगे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सड़क का अविलंब दोबारा निर्माण कराने की मांग की है ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
मामले पर पथ निर्माण विभाग के कनीय अभियंता अफरोज आलम ने कहा कि घटिया निर्माण कार्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह स्वयं सड़क का निरीक्षण करेंगे। साथ ही स्पष्ट किया कि निरीक्षण होने तक राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा और निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
अब सवाल यह है कि महज आठ घंटे में उखड़ने लगी सड़क की जांच में क्या सामने आता है? क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी और स्थानीय लोगों को इस सड़क से कब तक राहत मिलेगी?

