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खराब सड़कों को लेकर गुस्साए ग्रामीण, रोका मंत्री का रास्ता…

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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में खराब सड़कों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिर फूट पड़ा। पंडावीर पंचायत के जोजोहातु से केचावाईपी तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार से मंत्री दीपक बिरुवा के आवास का अनिश्चितकालीन घेराव शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल से वे लगातार इस समस्या को उठा रहे हैं, लेकिन न प्रशासन और न ही मंत्री की ओर से कोई ठोस कदम उठाया गया।ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक सड़क निर्माण की ठोस घोषणा नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांग है कि जोजोहातु से केचावाईपी तक सड़क का तत्काल निर्माण कार्य शुरू किया जाए और खराब सड़क की वजह से हो रही समस्याओं— स्वास्थ्य सेवाओं पर असर, एंबुलेंस की देरी, बच्चों की पढ़ाई में बाधा, किसानों की उपज ढुलाई और आपातकालीन सेवाओं—का समाधान किया जाए।

ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर आंदोलन को दबाने की कोशिश हुई तो जनता और उग्र हो जाएगी। घेराव की घोषणा के साथ ही बड़ी संख्या में लोग मंत्री दीपक बिरुवा के आवास के बाहर जुट गए।आंदोलनकारियों ने मंत्री दीपक बिरुवा पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अपने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से मुंह मोड़कर राजनीति में व्यस्त हैं। गांव की जनता रोज़ खराब सड़क से परेशान हो रही है, लेकिन नेता का ध्यान न तो गांव की ओर है और न ही जिले की ओर।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारी फाइल दबाकर बैठे हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से चंद किलोमीटर दूर स्थित सड़क को दुरुस्त कराने में इतनी बेरुख़ी क्यों बरती जा रही है।झारखंड अलग राज्य बने 25 साल पूरे होने को हैं, लेकिन ग्रामीणों का यह आंदोलन अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष का प्रतीक है। सड़क जैसी ज़रूरत के लिए जनता को आंदोलन करना पड़ रहा है, जो सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि मंत्री दीपक बिरुवा और जिला प्रशासन इस आंदोलन पर क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।