क्रिकेट की दुनिया में मचा हड़कंप: IPL से हटाई गई टीम को देने होंगे 538 करोड़, कोर्ट से BCCI को बड़ा झटका…

Azad Reporter desk: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को एक पुराने विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने IPL से हटाई गई एक टीम के पक्ष में 538 करोड़ रुपये का भुगतान करने का फैसला बरकरार रखा है। BCCI ने इस फैसले को चुनौती दी थी लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी।
इस मामले में अदालत ने कहा कि मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 के तहत कोर्ट की भूमिका सीमित होती है और वह फैसले की गहराई से जांच नहीं कर सकती। अदालत ने साफ किया कि सिर्फ फैसले से असहमति किसी को चुनौती देने का आधार नहीं बन सकती।
IPL 2011 में एक टीम को सिर्फ एक सीजन खेलने के बाद लीग से बाहर कर दिया गया था। आरोप था कि फ्रेंचाइजी समय पर बैंक गारंटी नहीं दे पाई। लेकिन टीम की ओर से कहा गया कि इसमें देरी कई कारणों से हुई थी स्टेडियम की समस्या, शेयरहोल्डिंग को लेकर मंजूरी और मैचों की संख्या में बदलाव शामिल थे।
काफी बातचीत के बाद भी जब समाधान नहीं निकला तो बोर्ड ने फ्रेंचाइजी से करार खत्म कर दिया। इसके बाद टीम ने 2012 में मध्यस्थता का रास्ता अपनाया और 2015 में ट्रिब्यूनल ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया।
कोर्ट के फैसले के अनुसार BCCI को—
•पहली कंपनी को 384 करोड़ रुपये
•दूसरी से जुड़ी कंपनी को 153 करोड़ रुपये
•इसके अलावा ब्याज और कानूनी खर्च भी देना होगा।
BCCI के लिए यह मामला अब कानूनी तौर पर और भी गंभीर हो गया है क्योंकि हाईकोर्ट ने भी मध्यस्थता फैसले को सही माना है। अब बोर्ड को इस राशि का भुगतान करना होगा।

