जमशेदपुर में थमा चुनावी प्रचार का शोर, अब फैसला जनता के हाथ कुछ ही घंटों बाद होगा मतदान, किसे मिलेगी मेयर की कुर्सी किसके नाम लगेगी जीत की मुहर?

जमशेदपुर में नगर निकाय चुनाव को लेकर चल रहा प्रचार-प्रसार शनिवार की शाम पूरी तरह समाप्त हो गया। अंतिम दिन मेयर प्रत्याशियों, जुगसलाई नगर परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों और वार्ड प्रत्याशियों ने पूरे दमखम के साथ जनसंपर्क अभियान चलाया। मानगो क्षेत्र की गलियों में सुबह से ही बन्ना गुप्ता और सुधा गुप्ता का जनसंपर्क अभियान चला वहीं नीरज सिंह और संध्या सिंह ने भी रोड शो और घर-घर जाकर मतदाताओं से समर्थन मांगा। इसके अलावा कुमकुम श्रीवास्तव और राजकुमार श्रीवास्तव द्वारा भी क्षेत्र में रोड शो किया गया।
इसी क्रम में मेयर प्रत्याशी लक्की सिंह ने भी अपने समर्थकों के साथ व्यापक जनसंपर्क किया। जुगसलाई में ईदगाह मैदान से शुरू होकर हिदायतुल्ला खान ने अपनी पत्नी और जुगसलाई नगर परिषद अध्यक्ष पद की प्रत्याशी नौशीन खान के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली जिसने पूरे इलाके को चुनावी रंग में रंग दिया। वहीं मानगो में मेयर प्रत्याशी ज़ेबा कादरी भी अंतिम समय तक सक्रिय रहीं और मतदाताओं से सीधे संवाद कर समर्थन मांगा।
प्रचार समाप्त होते ही सड़कों से लाउडस्पीकर और प्रचार गाड़ियों का शोर थम गया लेकिन राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर सभी प्रत्याशियों की आईटी टीमें सक्रिय नजर आ रही हैं जहां समर्थन और विरोध में लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। कहीं बन्ना गुप्ता और जेबा खान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है तो कहीं ज़ेबा कादरी की ओर से धमकी भरे फोन कॉल मिलने और दबाव बनाने के आरोप लगाए जा रहे है। भाजपा समर्थित खेमे में भी नीरज सिंह और राजकुमार श्रीवास्तव के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी रही।
हालांकि यह चुनाव औपचारिक रूप से गैर-दलीय है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मुकाबला कांग्रेस और भाजपा समर्थित गुटों के बीच सीधी टक्कर में तब्दील होता नज़र आ रहा है। इसी वजह से इस बार का चुनाव बेहद कांटे का और रोमांचक माना जा रहा है।
प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद अब उम्मीदवार बड़े मंचों और रैलियों की बजाय घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधे संवाद कर सकते है और अंतिम समय में समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकते हैं।
नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान 23 फरवरी को कराया जाएगा। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता शाम 5 बजे तक मतदान केंद्र में प्रवेश कर जाएंगे उन्हें मतदान करने का अवसर दिया जाएगा। मुकाबला बेहद करीबी होने के कारण मतदाताओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मानगो नगर निगम क्षेत्र में अलग-अलग इलाकों में पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया और लोगों से शांतिपूर्ण मतदान की अपील की गई। आजाद नगर और डिमना रोड जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है क्योंकि यहां मिश्रित आबादी रहती है और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन पहले से सतर्क है। हर चौक-चौराहे और गली-मोहल्ले में पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है।
अब सबकी निगाहें मतदान पर टिकी हैं। कुछ ही समय बाद मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और यह तय होगा कि मानगो को पहली महिला मेयर कौन मिलेगी।
क्या ज़ेबा कादरी मानगो की सत्ता पर कब्ज़ा जमाएंगी या फिर सुधा गुप्ता जनता का भरोसा जीतकर मेयर की कुर्सी तक पहुंचेंगी? क्या आखिरी वक्त में संध्या सिंह बाज़ी पलट देंगी या फिर अपने जनसंपर्क अभियान के दम पर कुमकुम श्रीवास्तव इतिहास रचेंगी? वहीं मैदान में मजबूती से डटी जेबा खान भी इस मुकाबले को त्रिकोणीय नहीं बल्कि बहुकोणीय बना रही हैं कड़ी टक्कर, तीखे आरोप-प्रत्यारोप और आखिरी वक्त की रणनीतियों के बीच यह चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है जहां हर प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी है और अब एक-एक वोट तय करेगा कि मानगो की पहली महिला मेयर के रूप में किसके नाम पर जीत की मुहर लगती है।


