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MGM में हुए हादसे की होगी जांच, इन लोगों पर होगी कारवाई…

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Jamshedpur news: जमशेदपुर स्थित कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल में बिल्डिंग की छत गिरने के बाद तीन मरीजों की मौत हो गई है। इस घटना में अस्पताल अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है जिससे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सख्त नाराज हैं।

उनका कहना है कि अस्पताल में लोग अपनी जान बचाने के लिए आते हैं, लेकिन यहां हादसे में उनकी मौत हो जाए यह बिल्कुल ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को तत्काल मौके पर भेजा और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के माध्यम से हालात पर निगाह रखने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने आदेश दिया कि किसी भी हालत में उन सभी अधिकारियों पर कार्रवाई हो जो इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं।

एमजीएम अस्पताल की अधिकतर इमारतें जर्जर हो चुकी हैं, जिनमें बच्चों का वार्ड और गायनी वार्ड प्रमुख हैं। इनकी छतें गिरने के कगार पर हैं लेकिन अधिकारियों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। पहले भी छज्जा और छत का प्लास्टर गिरने से मरीज घायल हो चुके थे, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया गया। इस बार अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।हादसे के वक्त अस्पताल की बिल्डिंग में कुल 15 लोग मौजूद थे, जिनमें से 12 को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया जबकि तीन शव मलबे से निकाले गए। मृतकों की पहचान गोविंदपुर के लुकास साइमन तिर्की, साकची के डेविड जोनसन और सरायकेला के श्रीचंद तांती के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल श्रीचंद तांती की मां, रेणुका देवी को टीएमएच में भर्ती कराया गया है।घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, टाटा स्टील की रेस्क्यू टीम और एनडीआरएफ की विशेष टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी देर रात मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही, घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।