लगातार बढ़ रही हैं छात्राओं की आत्महत्याएं!! झारखंड की मेडिकल छात्रा ने उत्तराखंड में की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव…

Azad Reporter desk: उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल स्थित मेडिकल कॉलेज में झारखंड की रहने वाली एक पीजी प्रथम वर्ष की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा एनाटॉमी विभाग में पढ़ाई कर रही थी। जब वह तय समय पर अपने सेमिनार में नहीं पहुंची तो हॉस्टल स्टाफ को शक हुआ। दोपहर करीब 1 बजे हॉस्टल केयरटेकर को उसका कमरा अंदर से बंद मिला। काफी देर खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर कॉलेज प्रशासन को जानकारी दी गई।
कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर और पुलिस मौके पर पहुंचे। जब दरवाजा नहीं खुला तो श्रीकोट चौकी पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो छात्रा का शव फंदे से लटका हुआ मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
पिछले कुछ महीनों में एक के बाद एक छात्राओं द्वारा आत्महत्या की खबरें सामने आ रही हैं। हर घटना के साथ यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर क्यों कोई स्टूडेंट इतनी कम उम्र में इतने बड़े कदम उठाने को मजबूर है? क्या मानसिक दबाव, अकेलापन, पढ़ाई का तनाव या फिर कोई और वजह इसके पीछे है?
इस तरह की घटनाएं यह बताती हैं कि अब समय आ गया है जब छात्रों की मानसिक स्थिति को भी प्राथमिकता दी जाए।
ज़रूरत है संवेदनशीलता की, संवाद की और समय रहते मदद पहुंचाने की ताकि एक और होनहार जिंदगी यूं ही चुपचाप खत्म न हो जाए।

