1000212937

RBI का बड़ा फैसला: ऐसे लोन पर अब नहीं देना होगा प्री-पेमेंट चार्ज, इस तारीख से नया नियम लागू…

खबर को शेयर करें
1000212937

Azad Reporter desk: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSE) को बड़ी राहत दी है। RBI ने बैंकों और NBFC को निर्देश दिया है कि वे व्यक्तियों और MSE द्वारा लिए गए फ्लोटिंग रेट लोन और एडवांस जिनमें कारोबारी मकसद भी शामिल है पर कोई प्री-पेमेंट चार्ज न वसूलें।

यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू होगा और इसके बाद अप्रूव या रिन्युअल किए गए सभी लोन और एडवांस पर लागू रहेगा।

RBI ने सर्कुलर में कहा कि MSE के लिए सुलभ और किफायती फाइनेंस उपलब्ध कराना अहम है। हालांकि अब तक लोन के पूर्व-भुगतान पर अलग-अलग संस्थाओं द्वारा अलग-अलग चार्ज लिए जाते थे जिससे शिकायतें बढ़ रही थीं। इसे देखते हुए RBI ने ‘ऋणों पर पूर्व-भुगतान शुल्क निर्देश, 2025’ जारी किया है।

इस निर्देश के अनुसार निम्न संस्थाएं व्यक्तियों और MSE को दिए गए फ्लोटिंग रेट लोन पर कोई प्री-पेमेंट चार्ज नहीं वसूलेंगी:

कॉमर्शियल बैंक (लघु वित्त बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्थानीय क्षेत्र बैंक को छोड़कर)
टियर 4 शहरी सहकारी बैंक
NBFC-UL
अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान

व्यक्तियों को व्यवसाय के अलावा अन्य मकसदों के लिए दिए गए सभी लोन पर भी कोई प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लगेगा।

इसके अलावा, लघु वित्त बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, टियर 3 शहरी सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंक और NBFC-ML भी 50 लाख रुपये तक की राशि वाले लोन पर कोई चार्ज नहीं लेंगे।

यह नियम लोन के प्री-पेमेंट के लिए उपयोग किए गए धन के स्रोत की परवाह किए बिना लागू होंगे चाहे आंशिक रूप से भुगतान हो या पूरा और बिना किसी लॉक-इन अवधि के।

कैश लोन या ओवरड्राफ्ट सुविधा के मामले में अगर उधारकर्ता पहले ही बैंक को सूचित कर देता है कि वह तय अवधि से पहले सुविधा बंद कर देगा और वह सुविधा नियत तारीख पर बंद कर दी जाती है तो उस पर भी कोई चार्ज नहीं लगेगा।