ड्रग्स के खिलाफ रांची पुलिस की नई पहल!! अब तस्करों के परिवारों को भी किया जाएगा जागरूक…

Jharkhand: झारखंड की राजधानी रांची में नशे के खिलाफ जंग ने अब नया मोड़ ले लिया है। रांची पुलिस अब सिर्फ ड्रग्स तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है बल्कि उनके परिवारों तक भी पहुंचकर उन्हें नशे के दुष्परिणामों से जागरूक कर रही है। इस नई पहल का नाम है ‘ऑपरेशन काउंसलिंग’, जिसके तहत पुलिस की टीम जेल से छूटे ड्रग्स पैडलर्स के घर जाकर न केवल काउंसलिंग कर रही है बल्कि वैकल्पिक रोजगार की राह भी दिखा रही है।
रांची के डीआईजी सह एसएसपी चन्दन कुमार सिन्हा ने बताया कि शहर में मादक पदार्थों के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ नीति लागू की गई है। पिछले 18 महीनों में रांची पुलिस ने करोड़ों रुपये के ड्रग्स जब्त किए हैं और 80 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है।
अब पुलिस की नजर बड़े ड्रग्स तस्करों पर है। छह से अधिक बड़े तस्करों की सूची बनाई गई है और उनकी संपत्तियों की जांच शुरू हो गई है। पुलिस उनके रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों को भी जांच के दायरे में ला रही है। यदि संपत्ति के स्रोत वैध नहीं पाए गए तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही इन तस्करों पर क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) के तहत भी कार्रवाई होगी।
रांची पुलिस की यह रणनीति दो मोर्चों पर काम कर रही है एक ओर बड़े तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई दूसरी ओर छोटे पैडलर्स की काउंसलिंग कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास। यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
ऑपरेशन काउंसलिंग के तहत पुलिस परिजनों को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को सामाजिक रूप से अपमानित करता है। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि समाज भी अब इस लड़ाई में पुलिस का सहयोग करेगा और ड्रग्स मुक्त रांची का सपना जल्द ही साकार होगा।

