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Radhika Murder Case: म्यूज़िक वीडियो बनी मौत की वजह! आखिर क्यों फैल गई इस नेशनल लेवल टेनिस प्लेयर के मर्डर से सनसनी? जानें…

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Azad Reporter desk:।देश को 18 गोल्ड मेडल दिलाने वाली नेशनल लेवल की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव को उसके अपने ही पिता ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात गुरुवार (10 जुलाई) की सुबह गुरुग्राम स्थित उनके घर में उस वक्त हुई जब राधिका किचन में खाना बना रही थी। राधिका के पिता दीपक यादव ने पीछे से तीन गोलियां दागीं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली है और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दीपक यादव का कहना है कि उसे गांव में लोग ताना मारते थे कि वह अपनी बेटी की कमाई खा रहा है। लोग उसकी मर्दानगी पर सवाल उठाते थे और बेटी की सोशल मीडिया मौजूदगी व म्यूजिक वीडियो में अभिनय को लेकर उसकी “इज्जत” पर चोट महसूस हो रही थी।

राधिका ने खुद की टेनिस अकादमी शुरू की थी और चोट लगने के बाद भी कोचिंग देकर युवाओं को प्रशिक्षित कर रही थी। यह बात पिता दीपक को अखर रही थी। वह चाहते थे कि राधिका अकादमी बंद कर दे लेकिन राधिका ने मना कर दिया।

दीपक ने पुलिस को बताया “जब मैं दूध लेने गांव वज़ीराबाद जाता था तो लोग ताना मारते थे कि मैं बेटी की कमाई खा रहा हूं। किसी ने तो बेटी के चरित्र पर भी सवाल उठा दिया।”

राधिका ने एक स्वतंत्र कलाकार इनआम के म्यूजिक वीडियो ‘कारवां’ में काम किया था जो करीब एक साल पहले रिलीज हुआ था। दीपक को ये बात नागवार गुज़री। उसने बेटी से वीडियो हटाने को भी कहा था।

गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे राधिका किचन में खाना बना रही थी। तभी दीपक ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और पीछे से पांच राउंड फायर किए। तीन गोलियां राधिका को लगीं। राधिका के चाचा कुलदीप यादव ने गोली चलने की आवाज सुनी और ऊपर पहुंचे तो देखा कि भतीजी खून से लथपथ ज़मीन पर पड़ी है। रिवॉल्वर पास के ड्राइंग रूम में ज़मीन पर पड़ी थी। वे उसे तुरंत एशिया मारिंगो अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

घटना के समय राधिका की मां मंजू यादव भी घर पर थीं लेकिन उन्होंने पुलिस को कोई लिखित बयान देने से इनकार कर दिया। पुलिस को सिर्फ इतना बताया कि उन्हें तेज बुखार था और वह कमरे में बंद थीं।

क्या समाज के तानों का इतना असर होता है कि एक पिता अपनी ही बेटी का कत्ल कर दे? क्या लड़कियों की आज़ादी आज भी पुरुष अहंकार से बड़ी नहीं हो सकी?

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं समाज की उस सोच की भी हत्या है जो एक बेटी की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर पाई।