1000219380

अब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना हुआ कठिन, पासपोर्ट बना मुख्य दस्तावेज, जानें ECI की नई गाइडलाइन…

खबर को शेयर करें
1000219380

Azad Reporter desk: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब नागरिकता साबित करने के लिए पासपोर्ट को मुख्य दस्तावेज माना गया है। इसके अलावा नागरिकों को उनकी जन्मतिथि के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है और हर वर्ग के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की जरूरत होगी।

तीन श्रेणियां बनाई गईं—

  1. 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोग:इनके लिए नागरिकता साबित करने हेतु सिर्फ खुद के जन्म की जानकारी और कोई पुराना सरकारी दस्तावेज (जैसे एलआईसी पॉलिसी, पोस्ट ऑफिस रिकॉर्ड आदि) काफी होगा।
  2. 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे लोग:इस वर्ग के लोगों को माता या पिता में से किसी एक की जन्मतिथि या जन्मस्थान भी बताना होगा। पासपोर्ट इस वर्ग में भी एक वैध दस्तावेज माना गया है।
  3. 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे लोग:इस वर्ग के लिए नियम सबसे सख्त हैं। अब इन नागरिकों को खुद की जन्मतिथि के साथ माता-पिता की जन्मतिथि या जन्मस्थान और उनके पासपोर्ट/वीजा की जानकारी देनी होगी। बिना इन दस्तावेजों के वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना संभव नहीं होगा।

ECI ने स्पष्ट कर दिया है कि राशन कार्ड को वैध नागरिकता प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसकी वजह यह है कि कई बार इसमें धोखाधड़ी के मामले सामने आते हैं जैसे मृत व्यक्ति के नाम पर राशन लिया जाना।

ECI द्वारा मांगे गए 11 दस्तावेजों में से एक फैमिली रजिस्टर सर्टिफिकेट है लेकिन यह केवल राजस्व विभाग द्वारा जारी सर्टिफिकेट ही मान्य होगा।

जो लोग पेंशनधारी हैं उनके लिए पेंशन भुगतान आदेश (Pension Payment Order) को नागरिकता प्रमाण के रूप में मान्यता दी गई है।

ECI ने बताया है कि 1 जनवरी 2003 को निर्धारित पात्रता तिथि वाली मतदाता सूची अब भी मान्य है। यह उन लोगों के लिए राहत की बात है जिनका नाम पहले से ही उस सूची में है।