9 जुलाई को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल, बैंकिंग से लेकर यातायात तक पर असर संभव…

Jharkhand: अगर आप 9 जुलाई 2025 को बैंक, सरकारी दफ्तर या यात्रा से जुड़ी कोई योजना बना रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए। देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने इस दिन देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। कई राज्यों में इसका असर इतना बड़ा हो सकता है कि हालात ‘भारत बंद’ जैसे बन सकते हैं।
ट्रेड यूनियन नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी किसान विरोधी और कॉरपोरेट परस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चार नए लेबर कोड लागू करके श्रमिकों के अधिकारों को खत्म करना चाहती है। इसके अलावा सरकार की नई रोज़गार आधारित प्रोत्साहन योजना (ELI) को भी यूनियन ने “नई गुलामी की व्यवस्था” करार दिया है।
इस हड़ताल में देश की 10 प्रमुख यूनियनें शामिल हैं—
INTUC
AITUC
HMS
CITU
AIUTUC
TUCC
SEWA
AICCTU
LPF
UTUC
इन संगठनों को कई किसान संगठनों, ग्रामीण मजदूर यूनियनों, NREGA संघर्ष मोर्चा और विपक्षी दलों का समर्थन भी मिल रहा है। बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।
क्या-क्या सेवाएं रहेंगी प्रभावित?
इस हड़ताल का असर कई अहम सेवाओं पर पड़ सकता है जैसे—
•बैंकिंग और बीमा सेवाएं
•सार्वजनिक परिवहन
•डाक सेवाएं
•कोयला खनन
•फैक्ट्रियों का कामकाज
•सरकारी दफ्तरों का संचालन
AITUC की महासचिव अमरजीत कौर ने बताया कि यह हड़ताल 18 मार्च को ही घोषित कर दी गई थी और सरकार को 17 मांगों का ज्ञापन पहले ही दिया जा चुका है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं CITU महासचिव तपन सेन ने कहा कि सरकार अब स्थायी कर्मचारियों को हटाकर प्रशिक्षु और इंटर्न लाकर श्रमिकों के शोषण का रास्ता खोल रही है।

