झारखंड में माइनिंग टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए झारखंड पर्यटन निगम और सीसीएल के बीच MoU…

Jharkhand: झारखंड में खनिज क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी रांची स्थित झारखंड मंत्रालय के सभागार में झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के बीच एक अहम समझौता (MoU) किया गया।
इस मौके पर राज्य के पर्यटन मंत्री सुदीप्त कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में JTDC और CCL के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य झारखंड की खनन संपदा को पर्यटन की नज़र से विकसित करना है ताकि लोगों को नया अनुभव मिले और राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ें। मंत्री ने कहा कि माइनिंग टूरिज्म से आने वाले समय में झारखंड को एक नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार, CCL के साथ मिलकर कुछ प्रमुख स्थलों जैसे कायाकल्प वाटिका, नॉर्थ यूरिमारी सेक्टर, सीएचसी साइलो, पतरातु वैली और भुरकुंडा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी। इन सभी जगहों पर सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि अब सरकार BCCL, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) और बोकारो स्टील प्लांट से भी बातचीत करने जा रही है ताकि वे भी अपने कुछ हिस्सों को आम लोगों और शैक्षणिक भ्रमण के लिए खोल सकें।
इस एमओयू से उम्मीद की जा रही है कि झारखंड में माइनिंग टूरिज्म को एक नई दिशा मिलेगी और राज्य की छवि पर्यटन के क्षेत्र में और मजबूत होगी।

