झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार, अटल क्लीनिक का नाम बदलने और मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सियासी टकराव…

Jharkhand: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुआ। शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि सदन के बाहर सत्र के पहले ही दिन दो मुद्दों पर जमकर सियासी घमासान देखने को मिला अटल मोहल्ला क्लीनिक का नाम बदलने और सघन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) को लेकर।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी झारखंड के निर्माता थे। उनके नाम पर चल रहे क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा के नाम पर रखना सरकार की राजनीतिक गुंडागर्दी और तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है।
भाजपा विधायक चंपाई सोरेन ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण जरूरी है और इस मुद्दे को भाजपा सदन में जोर-शोर से उठाएगी। उन्होंने अटल क्लीनिक का नाम बदलने के फैसले को भी गलत बताया। भाजपा मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR का विरोध अपने बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमान वोटरों को बचाने के लिए कर रही है।
वहीं कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने कहा कि SIR भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आधार हर जगह मान्य है तो SIR में क्यों नहीं?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में एक भी बांग्लादेशी नहीं है। भाजपा केवल वोट देने का अधिकार छीनने के लिए SIR करा रही है।

