राजभवन के सामने हाड़ी समाज का महाधरना, सरकार से 13 सूत्री मांगों पर जल्द कार्रवाई की गुहार…

Jharkhand: राजधानी रांची में अखिल भारतीय हाड़ी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले राजभवन के समक्ष एक दिवसीय “हाड़ी अधिकार महाधरना” का आयोजन किया गया। इस मौके पर झारखंड के विभिन्न जिलों से हाड़ी समाज के सैकड़ों लोग पहुंचे और अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर सरकार से न्याय की अपील की।
इस धरना में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी और मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ध्रुव हरि ने भी भाग लिया और समाज की समस्याओं को सामने रखा।
अमर बाउरी ने कहा “हाड़ी समाज अब सड़क पर उतरने को मजबूर”
अमर बाउरी ने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी हाड़ी समाज अपने मूल अधिकारों से वंचित है। पहले सफाई कार्य सरकारी नौकरी का हिस्सा था लेकिन अब निजी कंपनियों को ठेके पर सौंप दिए जाने से युवा बेरोजगार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को समाज की पीड़ा सुननी चाहिए।
ध्रुव हरि ने रखीं समाज की 13 प्रमुख मांगें
मोर्चा अध्यक्ष ध्रुव हरि ने कहा कि हाड़ी समाज को अब भी ना तो संवैधानिक अधिकार मिले हैं, ना ही राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सम्मान। उन्होंने सरकार से साफ-सुथरी और ठोस योजनाएं लाने की मांग की, जिससे समाज का विकास हो सके।
हाड़ी समाज की 13 सूत्री प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- झारखंड की लगभग 5 लाख हाड़ी आबादी के विकास के लिए विशेष कार्य योजना बने।
- नगर निकायों में कार्यरत दैनिक सफाई कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति दी जाए।
- सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारियों को पेंशन सुविधा मिले।
- अनुकंपा नियुक्ति में मैट्रिक और इंटर की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
- निजी स्कूलों में हाड़ी बच्चों के लिए 10% सीट आरक्षित की जाए।
- प्राइवेट संस्थानों में सफाईकर्मियों को सुरक्षा उपकरण और न्यूनतम मजदूरी मिले।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत दलित आरक्षण में वर्गीकरण कर हाड़ी समाज को लाभ दिया जाए।
- धनबाद सहित दो स्थानों पर हाड़ी समाज के लिए आवासीय विद्यालय और छात्रावास की स्थापना।
- नए विधानसभा भवन के एक द्वार पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाए।
- राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन शीघ्र किया जाए।
- आयोग का अध्यक्ष हाड़ी समाज से हो।
- अनुसूचित जाति आयोग में हाड़ी समाज के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
- नए विधानसभा कक्ष में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाए।
पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन बना रहा। मोर्चा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

