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दिल्ली-NCR में ‘लेडी गैंग’ रैकेट का खुलासा! बच्चों को अगवा कर बेचती थीं 3 महिलाएं, एक नर्स, एक अकाउंटेंट और एक झूठी डॉक्टर…

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Azad Reporter desk: NCR में एक ऐसा किडनैपिंग रैकेट पकड़ा गया है जिसने पुलिस को भी हिला कर रख दिया। इस रैकेट को कोई गैंगस्टर नहीं बल्कि तीन पढ़ी-लिखी महिलाएं चला रही थीं एक नर्स, एक अकाउंटेंट और एक महिला जो खुद को डॉक्टर बताती थी। ये महिलाएं पिछले दो सालों से मासूम बच्चों को अगवा कर उन्हें बेऔलाद दंपतियों को बेच रही थीं।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब फरीदाबाद पुलिस ने टोल प्लाजा के पास एक लावारिस बच्चे को बरामद किया जो दरअसल दो दिन पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से किडनैप हुआ था। उस वक्त इसे गुमशुदगी का मामला मानकर बच्चे को परिजनों को सौंप दिया गया था। लेकिन दो साल बाद सामने आया कि ये एक प्लानिंग के तहत हुई किडनैपिंग थी।

दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया कि ये गिरोह तीन महिलाओं आरती उर्फ रजीना कोटी, कांता भुजेल और निर्मला नेम्मी द्वारा चलाया जा रहा था।

आरती बच्चों को स्टेशन से अगवा करती थी। कांता उन दंपतियों को खोजती थी जो बच्चा गोद लेना चाहते थे। निर्मला फर्जी दस्तावेज तैयार करती थी ताकि किडनैपिंग को गोद लेने का रूप दिया जा सके।

आरती की मुलाकात फरीदाबाद में कांता से हुई जो एक क्लिनिक में नर्स थी लेकिन खुद को ‘डॉ. प्रिया’ कहती थी। आरती गर्भवती थी लेकिन बच्चा नहीं पाल सकती थी। कांता ने उसे बच्चा बेचने का सुझाव दिया। फिर आई निर्मला जो नकली दस्तावेज बना सकती थी। यहीं से शुरू हुआ बच्चों की खरीद-फरोख्त का काला धंधा।

तीन वारदातें तीन मासूम जिंदगी—

  1. पहली किडनैपिंग (जुलाई 2023): नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 3 साल का बच्चा अगवा किया गया। जब खरीदार नहीं मिला तो फरीदाबाद टोल प्लाजा के पास फेंक दिया गया।
  2. दूसरी किडनैपिंग (अक्टूबर 2024): मां के बगल में सो रहे ढाई साल के बच्चे को उठा लिया गया और गाजियाबाद में 1.20 लाख में बेच दिया गया।
  3. तीसरी किडनैपिंग (जनवरी 2025): 4 महीने की बच्ची को पहाड़गंज में 30 हजार में बेचा गया। झूठ बोला गया कि ये बच्ची एक कुंवारी लड़की की है।

पुलिस के मुताबिक ये महिलाएं कानून की बारीकियां जानती थीं। उन्हें पता था कि किस उम्र के बच्चों की डिमांड होती है कैसे कागज़ बनवाने हैं और कब गायब होना है। टारगेट थे गरीब तबके के ऐसे मासूम जो अपने माता-पिता के साथ रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर सोते मिलते थे।

तीनों महिलाओं के साथ आरती का पति सूरज सिंह भी गिरफ्तार हुआ है। सभी पर IPC की धारा 137(2), 143 और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। दोषी पाए जाने पर सात साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।

फिलहाल दो और बिचौलियों की तलाश जारी है जो इस नेटवर्क में जुड़े हुए थे। वहीं जिन परिवारों ने बच्चे गोद लिए उनका कहना है कि उन्हें किडनैपिंग की कोई जानकारी नहीं थी। लेकिन पुलिस उनके बयान की सच्चाई जांच रही है।