Jharkhand: देवघर की शिक्षिका श्वेता शर्मा को राष्ट्रपति ने दिया राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, झारखंड का नाम किया रोशन…

Jharkhand: देवघर की सरकारी स्कूल शिक्षिका श्वेता शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 हासिल कर झारखंड का मान बढ़ाया है। 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर श्वेता को 50 हजार रुपये नकद, रजत पदक और प्रशस्ति पत्र दिया गया।
इस वर्ष देशभर से 45 शिक्षकों का चयन किया गया था जिनमें झारखंड से केवल श्वेता शर्मा शामिल रहीं। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपनी सात मिनट की प्रस्तुति में खेल-आधारित शिक्षण पद्धति और अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की क्षमता पेश की जिसे जूरी ने सराहा।
श्वेता पिछले 21 सालों से देवघर के विवेकानंद राजकीय मध्य विद्यालय में कार्यरत हैं। उनकी अनूठी शैली ‘अबुआ जादुई पिटारा’ बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें सोहराई चित्रकला, पारंपरिक वाद्ययंत्र और स्थानीय संस्कृति को शामिल कर पढ़ाई को रोचक बनाया जाता है। उनके छात्र-छात्राओं का कहना है कि श्वेता मैडम की कक्षा में पढ़ाई मजेदार लगती है और स्कूल आने का मन करता है।
शिक्षक दिवस पर पुरस्कार मिलने से श्वेता के परिवार और जिले में खुशी का माहौल है। उनकी बहन स्मिता शर्मा ने सोशल मीडिया पर गर्व व्यक्त करते हुए लिखा कि यह पूरे शिक्षक परिवार के लिए सम्मान का क्षण है।
इस उपलब्धि पर देवघर के जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि श्वेता की शिक्षण तकनीक अन्य शिक्षकों तक पहुंचाने के लिए जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
श्वेता शर्मा ने इस अवसर पर सभी शिक्षकों से अपील की कि वे अपने पेशे के प्रति समर्पित और ईमानदार रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि यह बच्चों को जीवन के लिए तैयार करने का माध्यम है।

