Jharkhand: अब सांसद या विधायक की गैरमौजूदगी से नहीं रुकेगी स्कूलों की मान्यता, RTE नियमों में संशोधन…

Jharkhand: झारखंड में स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया अब और आसान हो गई है। राज्य सरकार ने झारखंड निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (RTE) नियमावली में संशोधन किया है। इसके तहत अब सांसद और विधायक की अनुपस्थिति के कारण किसी भी स्कूल की मान्यता अटकी नहीं रहेगी।
पहले उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली समिति की बैठक में सांसद या विधायक की गैरमौजूदगी से निर्णय नहीं हो पाता था। लेकिन अब वे अपनी जगह प्रतिनिधि भेज सकेंगे। साथ ही समिति के सदस्यों की संख्या भी घटा दी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार अब यह समिति केवल पांच सदस्यों की होगी उपायुक्त (अध्यक्ष), अपर समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक और स्थानीय सांसद व विधायक या उनके प्रतिनिधि।
निर्णय बहुमत से होगा और किसी भी प्रस्ताव को पारित करने के लिए अध्यक्ष समेत चार सदस्यों की सहमति जरूरी होगी। वहीं बैठक का कोरम पूरा करने के लिए 50 प्रतिशत से अधिक सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने यह संशोधन लागू किया है। हाईकोर्ट ने इसी साल 2 मई को इस मामले में आदेश दिया था और हाल ही में हुई बैठक में इस संशोधन को मंजूरी मिली।


