Jharkhand Education!! JAC की लापरवाही से हजारों छात्र भटके राह से, सरकार के निर्देश के बाद भी पुराना सिलेबस थोप रहा JAC…

Jharkhand: झारखंड के सरकारी और सहायता प्राप्त गैर-सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को आज भी पुराने पाठ्यक्रम से पढ़ाया जा रहा है जबकि NCERT ने पिछले साल ही इन कक्षाओं के सिलेबस में बदलाव किया था। राज्य सरकार ने अपडेटेड किताबें भी मुहैया करा दी हैं फिर भी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) पुराना सिलेबस ही लागू कर रही है।
हैरानी की बात ये है कि शिक्षा विभाग ने पहले ही JAC को सख्त निर्देश दिए थे कि एनसीईआरटी के नए पाठ्यक्रम के अनुसार ही बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएं लेकिन इसके बावजूद जैक ने 2024 की बोर्ड परीक्षाएं पुराने सिलेबस पर ही करवा दीं। अब फिर एक बार विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने जैक के अध्यक्ष अनिल कुमार महतो को रिमाइंडर भेजकर कहा है कि तुरंत संशोधित सिलेबस लागू किया जाए।
16 जुलाई 2024 को भेजे गए पत्र में विभाग ने साफ तौर पर बताया था कि NCERT के कई चैप्टर बदले गए हैं और इसका विस्तृत सारांश भी भेजा गया था लेकिन JAC ने उसे नज़रअंदाज़ कर दिया। यही नहीं अब जब शैक्षणिक सत्र 2025-26 शुरू हो चुका है तब भी जैक से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
शिक्षा सचिव ने कहा है कि संशोधित सिलेबस को सभी स्कूलों और इंटर कॉलेजों में लागू करने के लिए तुरंत अधिसूचना जारी की जाए ताकि राज्यभर में एकरूपता सुनिश्चित हो सके। साथ ही शिक्षकों को नए सिलेबस पर मार्गदर्शन देने, प्रश्नपत्र डिजाइन, अंक वितरण और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन भी तैयार की जाए।
सवाल उठता है कि जब सरकार खुद समय पर कार्रवाई कर रही है तो आखिर JAC किस दबाव या ढिलाई में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है? क्या ये लापरवाही नहीं? ये एक बड़ी साजिश है शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की।
सरकार और JAC के इस टकराव का खामियाजा अगर कोई भुगत रहा है तो वह है छात्र।

