Jamshedpur: सिस्टम की सुस्ती ने निगल ली एक और ज़िंदगी, माँ की कोख में ही रुक गई मासूम की धड़कन…

Jamshedpur news: फिर एक बार सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। जमशेदपुर के डुमरिया ब्लॉक के खड़ीदा गांव निवासी माधुरी कालिंदी को बुधवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घबराए परिजन उन्हें लेकर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) डुमरिया पहुंचे लेकिन वहां का नजारा बेहद निराशाजनक था। अस्पताल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था सिर्फ दो नर्सें थीं।
नर्सों ने स्थिति गंभीर देख महिला को तत्काल रेफर कर दिया।परिवार जैसे-तैसे माधुरी को लेकर करीब 80 किलोमीटर दूर MGM अस्पताल के लिए रवाना हुए। लेकिन रास्ते में खराब सड़कें और असुविधाजनक एंबुलेंस की वजह से महिला का रास्ते में ही प्रसव शुरू हो गया। बच्चे का आधा शरीर बाहर आ चुका था और वह वहीं फंस गया।जब तक वे MGM अस्पताल पहुंचे तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अस्पताल अधीक्षक डॉ आर.के. मंधान के अनुसार, “महिला को तुरंत ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया लेकिन जांच में पाया गया कि बच्चे की धड़कन पहले ही बंद हो चुकी थी।”
महिला की हालत अब स्थिर है लेकिन परिवार सदमे में है। पति जितेंद्र कालिंदी ने कहा, “अगर समय पर डॉक्टर मिल जाते या रास्ता ठीक होता तो हमारा बच्चा आज जिंदा होता।”
डुमरिया प्रखंड समेत आसपास के करीब एक दर्जन पंचायतों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो हैं लेकिन वहां डॉक्टर शायद ही कभी दिखते हैं। गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को नर्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। ऊपर से खराब सड़कें समय पर एंबुलेंस न मिलना और इलाज की कमी ये सब ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रहे हैं।

