जमशेदपुर ग्रामीण क्षेत्र!! मुसाबनी से जादूगोड़ा तक आवारा कुत्तों का आतंक, 7 महीने में 344 बच्चे और बुजुर्ग बने शिकार…

Jamshedpur news:मुसाबनी से लेकर जादूगोड़ा तक इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा हालात खराब हैं यूसिल (UCIL) अस्पताल परिसर में जहां कुत्ते बिना किसी रोक-टोक के घूमते और आराम फरमाते नजर आते हैं।
एक समय अपनी स्वच्छता और बेहतर सेवाओं के लिए पहचान रखने वाला यह अस्पताल अब कुत्तों का अड्डा बन चुका है। अस्पताल के मुख्य द्वार, दवा काउंटर और इमरजेंसी वार्ड के आसपास कई खतरनाक कुत्ते खुलेआम घूमते हैं। मंगलवार को भी दवा काउंटर और गेट के पास कई कुत्ते आराम फरमाते देखे गए।
लोगों का कहना है कि अस्पताल की सुरक्षा में तैनात गार्ड वाहन पार्किंग में ही व्यस्त रहते हैं और कुत्तों पर कोई ध्यान नहीं देते। हैरानी की बात यह है कि कंपनी अस्पताल में कुत्ते के काटने की दवा तक उपलब्ध नहीं है।
सिर्फ अस्पताल ही नहीं पूरे प्रखंड में कुत्तों का आतंक है। मुसाबनी प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात महीनों में 344 बच्चे और बुजुर्ग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में है। लोगों ने यूसिल प्रबंधन और राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण किया जाए ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।

