जमशेदपुर बना अपराधियों का अड्डा! हर थाने में हथियारबंद गिरफ़्तार, पुलिस अलर्ट लेकिन बड़ा सवाल की आख़िर इतने अवैध हथियार आ कहां से रहे हैं?

Jamshedpur news: टाटा नगरी में इन दिनों हथियारबंद अपराधियों की बाढ़ सी आ गई है। हर दूसरे दिन किसी न किसी थाना क्षेत्र से अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तारी या फायरिंग की घटना सामने आ रही है। पुलिस भले ही मुस्तैदी दिखा रही हो पर असली चिंता यह है कि इतनी भारी संख्या में हथियार आखिर शहर में पहुंच कैसे रहे हैं?
8 जुलाई को उलीडीह ओपी क्षेत्र में पुलिस ने तीन युवकों को अवैध हथियार और मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया जो सोशल मीडिया पर कट्टा लहराकर लोगों को डराने और रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में रितेश सिंह, अशोक गुप्ता और राजकुमार मुखिया उर्फ राज बच्चा शामिल हैं।
फिर 11 जुलाई की रात कदमा के रामजनम नगर में राजेश महानंद और प्रशांत कापरी उर्फ बिट्टू को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। इनके पास से ऑटोमैटिक पिस्टल, कट्टा और चार जिंदा कारतूस मिले। पुलिस के मुताबिक वे किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे।
इसके बाद गोलमुरी थाना के नामदा बस्ती से वीर सिंह उर्फ पंडित और उसके तीन साथियों को राजा यादव के घर से दबोचा गया जो बदले की भावना से हमला करने की फिराक में थे। मौके से दो कट्टा, दो कारतूस और धारदार चापड़ बरामद हुए।
फिर ये घटना जिसने सबको चौंका दिया बिष्टुपुर के व्यस्त इलाके खाओ गली में चक्रधरपुर विधायक के प्रतिनिधि समरेश सिंह उर्फ गुड्डू को गोली मारी गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और तीन जिंदा गोली बरामद की।
और फिर बागबेड़ा थाना क्षेत्र के कीताडीह साईं कॉम्प्लेक्स के पास देर रात गोली चलने से आशीष कुमार भगत नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
तो क्या ये मान लिया जाए कि जमशेदपुर बन रहा है अवैध हथियारों का नया गढ़। शहर में जिस तरह से बार-बार कट्टे, पिस्टल, गोली और धारदार हथियार बरामद हो रहे हैं उसने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जमशेदपुर अब अवैध हथियारों का हब बनता जा रहा है? पुलिस की हर कार्रवाई के बाद नया गिरोह सामने आ रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और उनकी टीम ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई कर अपराधियों को धरदबोचा लेकिन अब वक्त है कि सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि हथियारों की सप्लाई चेन को भी तोड़ा जाए।
जहां से ये हथियार आ रहे हैं वहां तक पुलिस को अपनी पहुंच बनानी होगी। इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन चलाकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की ज़रूरत है।


