Jamshedpur: मानगो मेयर की रेस में फातिमा शाहीन की एंट्री, क्या भाजपा करेगी एक मुस्लिम महिला को समर्थन?

मानगो नगर निगम में मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा आज़ादनगर मंडल अध्यक्ष फातिमा शाहीन ने मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। उनकी एंट्री से मानगो की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं।

फिलहाल मानगो क्षेत्र में भाजपा का कोई बड़ा और मजबूत महिला चेहरा सामने नहीं है। ऐसे में लंबे समय से संगठन से जुड़ी रहीं फातिमा शाहीन को पार्टी के लिए एक अहम विकल्प माना जा रहा है। पार्टी के भीतर भी उनकी दावेदारी को गंभीरता से देखा जा रहा है।
फातिमा शाहीन का राजनीतिक सफर पूरी तरह संगठन और ज़मीनी काम से जुड़ा रहा है। वे पहले भाजपा महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष रह चुकी हैं और लगातार दो बार मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वर्तमान में वे आज़ादनगर मंडल अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। पिछले करीब 10 वर्षों से वे मानगो क्षेत्र में सक्रिय रहकर लोगों से जुड़ी रही हैं जिससे उनकी अच्छी पहचान बनी है।
सूत्रों के अनुसार फातिमा शाहीन के भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से अच्छे संबंध हैं। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय से भी उनका बेहतर तालमेल बताया जाता है। यदि भाजपा के साथ-साथ NDA के घटक दलों का समर्थन उन्हें मिलता है तो उनकी दावेदारी और मजबूत हो सकती है।
महिला आरक्षण के बाद जहां कई नेता अपनी पत्नियों को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में हैं वहीं कुछ पुराने दावेदारों में निराशा भी देखी जा रही है। ऐसे माहौल में फातिमा शाहीन की साफ छवि और संगठनात्मक अनुभव उन्हें अन्य दावेदारों से अलग बनाता है।
उनके पक्ष में एक बड़ी बात यह भी है कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। वर्ष 2019 में संगठन में चली उठा-पटक के दौरान भी वे भाजपा में बनी रहीं और किसी अन्य दल में नहीं गईं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा मानगो में एक मुस्लिम महिला नेता पर भरोसा जताएगी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी फातिमा शाहीन के नाम पर मुहर लगाकर क्या कोई नया राजनीतिक संदेश देती है या नहीं।

