Jamshedpur: जिले में 72 उर्दू शिक्षक के पद खाली, किताबें भी नहीं मिलीं, अल्पसंख्यक आयोग करेगा सीएम से शिकायत…

Jamshedpur news: पूर्वी सिंहभूम जिले में उर्दू माध्यम से पढ़ने वाले बच्चों को न तो उर्दू की किताबें मिल रही हैं और न ही शिक्षक। जिले में 72 उर्दू शिक्षकों के पद पिछले 4 साल से खाली हैं। इस पर अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान और उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की जाएगी।
रविवार को जमशेदपुर सर्किट हाउस में अल्पसंख्यक आयोग की साल की पहली बैठक हुई। इस बैठक में शिक्षा विभाग, नगर निकायों और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आयोग ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की।
हिदायतुल्ला खान ने साफ कहा कि शिक्षा विभाग ने ना तो उर्दू शिक्षकों की भर्ती की और ना ही बच्चों को उर्दू की किताबें दीं। बच्चों को मजबूरी में हिंदी किताबों से पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ निजी स्कूलों में जर्मन और संस्कृत पढ़ाई जा रही है, लेकिन उर्दू या बांग्ला भाषा को नजरअंदाज किया जा रहा है जो गलत है।
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में अब तक उप-स्वास्थ्य केंद्र नहीं खोले गए हैं। इस पर आयोग ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि वे सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भेजें।
बैठक में कब्रिस्तान की चारदीवारी, अल्पसंख्यक छात्रावासों के निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। आयोग ने कहा कि पिछली बैठकों में जो निर्देश दिए गए थे उन पर इस बार देखा जाएगा कि कितना अमल हुआ।
अब मंगलवार को रांची में अगली समीक्षा बैठक होगी जहां राज्य भर की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

